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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 फरवरी 2021। गांव सातलेरा में विद्युत विभाग के विरुद्ध ग्रामीणों में आक्रोश है और वे लगातार व्यवस्था सुधार की मांग कर रहें है। ग्रामीण सुनवाई नहीं होने से सरकारी तंत्र को निकम्मा बताते हुए आरोप लगा रहें है। यहां ढीले तारों की समस्या, बार बार आने वाले फाल्ट की समस्या का सामना कर रहें ग्रामीण जीएसएस पर कोई स्थाई टेलीफोन या मोबाइल फोन नम्बर नहीं होने व जिएसस पर मात्र एक कर्मचारी होने से परेशान व आक्रोशित है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव से 2 किलोमीटर दूर नेशनल हाइवे पर स्थित जीएसएस पर फोन नहीं होने से ग्रामीणों सहित कृषि कुआं चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने बताया कि जीएसएस पर ठेकेदार के कर्मचारी बदल बदल कर काम करने आते है जिनका नम्बर भी बदलता रहता है और इनके फोन नहीं लगने की समस्या रहती है। ऐसे में आपातकालीन स्थिति में विद्युत आपूर्ति बंद करवानी हो तो भागकर जीएसएस जाना पड़ता है तब तक देर हो जाती है। ग्रामीणों ने विभाग के जिम्मेदारों से सातलेरा जीएसएस पर स्थाई टेलीफोन नंबर लगाने की मांग की है ताकि आपातकालीन समय में अगर ग्रामीणों को विद्युत आपूर्ति बंद करवानी पड़े तो तुरंत संपर्क किया जा सके ।
एक कर्मचारी के भरोसे चल रहा है पूरा जीएसएस
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सातलेरा जीएसएस पर विभाग का एक कर्मचारी कार्यरत है जो इस जीएसएस जुड़े 250-300 कृषि कनेक्शन व सातलेरा, बिग्गा की घरेलू कनेक्शन का कार्य संभालता है। इस जीएसएस पर कार्यरत एक कार्मिक की करंट लगने से दुखद मौत हो गई थी और उस कार्मिक को सुबह संभाला जा सका और तभी से ग्रामीण यहां तीन कार्मिकों की नियुक्ति की बात कर रहें है। ग्रामीणों ने आक्रोश जताते हुए कहा कि गांव की मूलभुत सुविधाओं की बात ही क्या करें यहां तो सुनवाई जरूरी आवश्यकताओं की नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि उस समय विभाग ने आश्वासन भी दिया परन्तु अभी तक उस पर कार्रवाई नहीं की गई है। किसान मालाराम सारस्वत, हरिओम, कमल कुमार, मामराज, आदि ने कहा कि सरकारी तंत्र में कोई कार्य करवाना काठ की हांडी चढाने जैसा है काम कभी न होने के लिए लटक जाता है। ग्रामीणों ने जिम्मेदारों से यहां जीएसएस पर दो और कार्मिक लगाने की मांग की है। साथ ही जीएसएस पर स्थाई सरकारी फोन नंबर रखने की मांग की है।