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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्रवासी नागरिक मांगीलाल पुरोहित का घर। जहां कल देर रात चोर लाखो का माल ले उड़े।

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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 7 अगस्त 2019। 6 अगस्त की शाम एवं रात्री दो बार में हुई जबरदस्त बारिश से तहसील के गांव गुंसाईसर बड़ा में सैंकडों मकान डूब क्षेत्र में आ गए है। गांव के वरिष्ठ ग्रामीण सत्यनारायण स्वामी ने बताया कि पिछले 30 वर्षों बाद ऐसी रिकार्ड तोड़ बारिश आयी है। एवं बारिश के बाद रात भर आसमान में मंडराते बादलों ने ग्रामीणों को भयभीत करके रखा। हालत यह है कि बारिश का पानी गांव की मुख्य गुवाड़, स्वामियों के मोहल्ले, निचले इलाकों में इतना जमा हो गया कि घर टापू से दिखने लगे है। तेज बारिश एवं बारिश बाद जमा पानी नींव में जाने के कारण गांव में भंवरलाल गोपालराम जाट, हड़मानदास रामेश्वरदास स्वामी, चोरूराम मेघवाल, रुखीदेवी, पन्नाराम जाट, कैलाश ढ़ाढी के मकान ढह गए है। मकान ढहने के कारण इन ग्रामीणों का काफी सामान बारिश के पानी के साथ बह गया एवं इन ग्रामीणों ने पूरी रात खुले में और पड़ौसियों के यहां आश्रय लेकर बिताई है। इनके अलावा भी गांव में डूब क्षेत्र में आए पुराने मिट्टी के करीब 100 मकान ढ़हने की कगार पर पहुंच गए है। प्रशासन द्वारा पानी निकासी के लिए केवल एक जनरेटर पम्प लगा कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली गई है एवं ग्रामीण आंखों में बरसात का पानी भरे तत्काल सहायता के लिए तरस रहे है।

प्रशासनिक उदासीनता की पराकाष्ठा।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मंगलवार शाम, रात, सुबह हुई गांव गुंसाईसर बड़ा में रिकार्ड तोड़ बारिश के बाद यह खबर दूर से दूर बैठे व्यक्ति को भी सोशल मीडिया एवं अन्य संचार माध्यमों से मिल गई लेकिन केवल 19 किलोमीटर दूर बैठे श्रीडूंगरगढ़ के प्रशासन को यह जानकारी बुधवार सुबह मिल पाई। मंगलवार रात को ही गांव में तीन मकान ढह गए थे एवं बुधवार सुबह यह संख्या पांच हो गई लेकिन तब तक प्रशासन द्वारा गांव को संभालने के लिए भी कोई नहीं पहुंचा। बुधवार सुबह तहसीलदार की अगुवाई में प्रशासनिक दल पहुंचा तो सही लेकिन केवल एक जनरेटर पम्प लगा कर वहां से पुनः निकल लिया। ग्रामीणों ने अपनी व्यथा सुनाई तो भी प्रशासन द्वारा संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसीलदार के समक्ष अपना रोष भी जताया लेकिन प्रशासन की सेहत पर कोई फर्क पड़ता नजर नहीं आया। ग्रामीणों को जहां तत्काल प्रभाव से अतिरिक्त सहायता की आवश्यकता है लेकिन प्रशासन द्वारा ऐसा कुछ भी किया जाता नजर नहीं आ रहा। भाजपा नेता ताराचंद सारस्वत ने भी अपने पैतृक गांव में आई इस आपदा से बचाने के लिए जिला कलेक्टर से भी वार्ता की है एवं शीघ्र अति शीघ्र प्रशासनिक सहायता उपलब्ध करवाने की मांग की है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बारिश से डूबे, आशियाने अब ढह रहे है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव की सभी बस्तियों में पानी भरा।