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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 अक्टूबर 2026। बीकानेर के पीबीएम अस्पताल के नए मेडिसिन विंग में श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के पूनरासर निवासी राधेश्याम की मौत का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए दावा किया कि मरीज को करीब 17 घंटे तक बेड उपलब्ध नहीं कराया गया। हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती कर वेंटिलेटर पर रखा गया, जहां उसकी मौत हो गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की है। परिजनों के अनुसार, 12 अक्टूबर की रात करीब 2:30 बजे वे 22 वर्षीय राधेश्याम पुत्र सत्यनारायण सारस्वत को पीबीएम अस्पताल के नए मेडिसिन विंग लेकर पहुंचे थे। आरोप है कि डॉ. विजय तुंडवाल की यूनिट में काफी समय तक बेड नहीं मिला। इसके बाद मरीज की हालत बिगड़ने पर उसे आईसीयू में भर्ती किया गया। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राधेश्याम की मौत के मामले में इलाज के दौरान लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। तीन सदस्यीय कमेटी की जांच के निष्कर्षों पर मामले की आगे की कार्रवाई निर्भर करेगी।
22 वर्षीय युवक एक टेबलेट ने ली जान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। युवक पूना रहता था। परिजनों ने बताया कि उसे सामान्य बुखार आया तो दवाई ले ली। टेबलेट रिएक्शन कर गई और वह जयपुर से बीकानेर आया। परिजन उसे बीकानेर पीबीएम में लेकर पहुंचे और यहां बेड नहीं मिलने से युवक की मौत हो गई।
छह में से तीसरे की मौत से परिवार में मचा कोहराम।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक राधेश्याम छह भाई थे। एक बड़े भाई की मौत करीब पांच वर्ष पूर्व एक्सीडेंट में हो गई। वहीं एक बड़ा भाई बीमारी से गुजर गया और छह में अब तीसरे की मौत से परिवार में कोहराम सा मच गया है।
527 बेड पर मरीजों का बढ़ता दबाव
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मेडिसिन विभाग में मरीजों की बढ़ती संख्या के बीच बेड की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, विभाग में कुल 527 बेड हैं, जिनमें करीब 380 सामान्य बेड बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ वार्डों में निर्धारित क्षमता से अधिक मरीज भर्ती होने की स्थिति सामने आई है। एक वार्ड में 70 बेड के मुकाबले करीब 100 मरीज होने की जानकारी भी सामने आई है। ऐसे हालात में मरीजों को बेड उपलब्ध कराने में परेशानी होने की बात कही जा रही है।