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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 अक्टूबर 2026। शुक्रवार को श्रीडूंगरगढ़ की गलियों में अहिंसा के नारे गूंजें एवं सैंकड़ों बच्चों ने सामूहिक रूप से रैली निकालते हुए क्षेत्रवासियों को अहिंसा को जीवन में शामिल करने का आह्वान किया। मौका था अणुव्रत उदबोधन सप्ताह के दुसरे दिन अहिंसा दिवस कार्यक्रम का। मालू भवन से रवाना हुई रैली कस्बे के मुख्य मार्गों से निकली, जिसमें संस्कार इनोवेटिव पब्लिक स्कूल, बाल निकेतन स्कूल, महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल, ब्राईट फयुचर स्कूल के विद्यार्थियों ने भाग लिया। रैली के बाद मालू भवन में साध्वीश्री लक्ष्यप्रभा के सानिध्य में प्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरूआत समिति उपाध्यक्ष सत्यनारायण स्वामी के स्वागत भाषण से हुई एवं साध्वी वृन्द ने सामूहिक गीतिका संगान किया। अपना प्रेरणा पाथेय देते हुए सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी लक्ष्यप्रभा ने अहिंसा परमो धर्म का मर्म बताते हुए अहिंसाधर्म का अनादिकाल से सनातन धर्म से जुड़ाव बताया। साध्वीश्री ने आचार्यश्री तुलसी के जीवन प्रसंग को उल्लेखित करते हुए कहा कि जो व्यक्ति जीवन मे अहिंसा को साधना बना लेता है, वह व्यक्ति समाज के लिए एक पथदर्शक बन जाता है। उन्हानें कहा कि अहिंसा कहती है आपको अच्छा बनना है, आपको गांधी, तुलसी, महावीर, बुद्ध, कृष्ण जैसा बनना है। और जब तक जीवन में अहिंसा नही आएगी तब तक आप गांधी तक नही पहुंच सकते। साध्वीश्री ने बच्चों को कई छोटे-छोटे प्रयोग करवाए एवं याददाश्त व एकाग्रता बढ़ाने के तरीके भी बताए। कार्यक्रम के दौरान प्रदीप पुगलिया, मधु झाबक, महादेव बोहरा ने भी विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में समिति मंत्री एडवोकेट रणवीरसिंह खिची, प्रभारी मुकेश स्वामी, मनोज गुसाईं, शुभकरण पारीक, अशोक झाबक, संजय पारीक आदि ने भागीदारी निभाई। कार्यक्रम का संचालन के एल जैन ने किया और विजयराज सेठिया ने आभार ज्ञापित किया।