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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 अक्टूबर 2026। श्रीडूंगरगढ़ निवासी एवं कोलकाता प्रवासी संजय सिखवाल द्वारा वृंदावन धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन हर्षोल्लास के साथ कथा को विश्राम दिया गया। उत्साह के साथ पूजन-अर्चन के साथ कथा प्रारंभ की गयी। कथावाचक रामलखन शास्त्री ने द्वारिकाधीश के विवाह महोत्सव, भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र, नव योगेश्वर संवाद एवं कलियुग प्रसंगो का वर्णन विस्तार से किया। भक्ति रस में सराबोर बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर भक्ति में झूमते नजर आए। कथावाचक ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण ने रुक्मिणी के साथ गृहस्थ जीवन का निर्वहन करते हुए श्रद्धालुओं को गृहस्थ धर्म की मर्यादा और दायित्वों का संदेश दिया। कथावाचक ने सुदामा चरित्र का भावपूर्ण वर्णन किया तो श्रद्धालुओं ने सजल नेत्रों ने भक्त और भगवान के जयकारे लगाए। शास्त्री ने मित्रता के प्रसंग में सज्जन से मित्रता करने व दुर्जन का त्याग करने का संदेश देते हुए सच्चे मित्र के गुण बताए। नव योगेश्वर संवाद के माध्यम से उन्होंने धर्म, भक्ति और जीवन के गूढ़ संदेशों को समझाने का प्रयास किया। वहीं कलियुग के स्वरूप और उसके प्रभाव का वर्णन करते हुए कथा संपन्न की गई।
सात दिनों तक चले इस धार्मिक आयोजन के कथा विश्राम अवसर पर वृंदावन धाम का वातावरण भक्ति भाव से ओतप्रोत रहा। सातों दिन अनेक संत महात्मा कथा में पहुंचे व आज अंतिम दिन कथा में 104 वर्षीय मैया राधाजी का सान्निध्य रहा। उन्होंने आयोजक परिवार को आशीर्वाद देते हुए भगवतप्रेमियों के लिए मंगलकामनाएं की। आयोजक संजय सिखवाल एवं उनकी पत्नी सांत्वना सिखवाल ने प्रतिवर्ष वृंदावन में इसी प्रकार श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन करवाने की इच्छा प्रकट करते हुए सभी श्रद्धालुओं, अतिथियों व सहयोगियों का आभार जताया।