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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स, 1 अक्टूबर 2026। पितृपक्ष के अवसर पर श्रीडूंगरगढ़ निवासी एवं कोलकाता प्रवासी संजय सिखवाल द्वारा वृंदावन धाम में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के छठे दिन भगवान श्रीकृष्ण की विभिन्न लीलाओं का भावपूर्ण वाचन किया गया। कथा में गोवर्धन पूजा उत्सव, इंद्र का अभिमान, उद्धव-गोपी संवाद, रासपंचाध्यायी, अक्रूर जी का वृंदावन आगमन तथा श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह सहित अनेक प्रसंगों ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया। कथावाचक रामलखन शास्त्री ने गोवर्धन पूजा प्रसंग का वर्णन करते हुए बताया कि इंद्र के अभिमान को दूर करने तथा ब्रजवासियों की रक्षा के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर धारण किया। इस प्रसंग के दौरान कथा स्थल पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। इसके बाद उद्धव-गोपी संवाद एवं रासपंचाध्यायी के भावपूर्ण प्रसंगों का वाचन हुआ। अक्रूर जी के वृंदावन आगमन और भगवान श्रीकृष्ण के मथुरा प्रस्थान से जुड़े प्रसंगों ने भी श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया। कथा का विशेष आकर्षण श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग रहा। आयोजक संजय सिखवाल एवं उनकी पत्नी सांत्वना सिखवाल ने सपरिवार भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह में कन्यादान की रस्म निभाई। विवाह प्रसंग के दौरान कथा स्थल भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो गया। श्रद्धालुओं ने भजनों पर भाव-विभोर होकर भगवान के जयकारे लगाए। कथा में बड़ी संख्या में सिखवाल परिवार के परिजन शामिल हुए है।