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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स, 12 सितम्बर 2026। पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में गोवंश में लम्पी स्किन डिजीज के मामले सामने आने के बाद पशुपालन विभाग व राजस्थान गो सेवा आयोग ने सक्रिय होकर प्रदेश में एडवाइजरी जारी की है। जिसमें पशुपालकों को संक्रमण से बचने के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी गयी है। आयोग की सचिव डॉ. अनिता अग्रवाल ने पशुपालकों और गोशाला संचालकों से संक्रमण की रोकथाम के लिए विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। डॉ. अग्रवाल ने बताया कि लम्पी विषाणुजनित बीमारी है, जो मच्छर, मक्खी और चीचड़ जैसे बाहरी परजीवियों के जरिए तेजी से फैलती है। पशु में तेज बुखार, शरीर पर गांठें, कमजोरी और दूध उत्पादन में कमी इसके प्रमुख संकेत हैं। एडवाइजरी में गोशालाओं की नियमित सफाई, गोबर का उचित निस्तारण और कीट नियंत्रण पर जोर दिया गया है। बीमारी के लक्षण दिखने पर पशु को तत्काल स्वस्थ गोवंश से अलग रखने तथा पशु चिकित्सक को सूचना देने की सलाह दी गई है। साथ ही संक्रमित क्षेत्र में पशुओं की आवाजाही सीमित रखने, नियमित कीटाणुनाशक छिड़काव और जैव सुरक्षा उपाय अपनाने पर जोर दिया गया है।