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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। रविवार भीषण हादसे के बाद बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंच गए। यहां घायलों को लेकर आने , उनके इलाज, व रेफर करने के दौरान भीड़ को हटाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। कुछ लोग इमरजेंसी कक्ष में घुस गए और जब उन्हें धक्के दे कर निकाला गया तो उनका जवाब था हम तो देखने आ गए।
ये दुःखद है कि जब कोई मौत से जूझ रहा है, और कुछ उन्हें बचाने में, कुछ पुलिस वाले घटना की जांच में जुटे हो तब युहीं अस्पताल जाया जाए। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स व्यू है कि ऐसे लोगों को अब सिविक सेंस सीखने की सख्त जरूरत है। अस्पताल भ्रमण स्थल नहीं जहां कुछ देखने या घूमने जाया करें। अपने करीबी का विचार करें और इस प्रक्रिया में लगे लोगों का सम्मान करें। ऐसे में जिम्मेदार नागरिक होने का दायित्व निभाने का प्रयास करें और स्थान छोड़ कर दूर चले जाएं। सब्र का दामन थाम कर रखें और इलाज की प्रक्रिया होने के बाद किसी जानकारी लेंवे। इमरजेंसी में अस्पताल प्रभारी डॉ ओमप्रकाश स्वामी सहित मेडिकल टीम मौजूद थे, वहीं सेवादार भी मदद के लिए प्रयास कर रहें थे, ऐसे में कक्ष में आ रही भीड़ को धक्के देकर निकाला जा रहा था। डॉ स्वामी ने इस पर पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल कुछ लोगों में गैर जिम्मेदाराना व्यवहार बढ़ रहा है। ऐसे संवेदनशील मामलों में सिविक सेंस से काम लेना चाहिए। दुर्घटना के बाद अस्पताल भीड़ नहीं करें।