Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
00000000000
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 जुलाई 2026। सरकार एक ओर जहां राज्य भर में हजारों सरकारी स्कूलों के कक्षा कक्षों को तोड़ कर सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के बैठने तक कि जगह नहीं छोड़ रही, वहीं प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को उन्नत करने वाले निजी स्कूलों में इंस्पेक्टर राज कायम करने की तैयारी कर चुकी है। सरकार द्वारा राज शिक्षा संबलन के माध्यम से अब निजी स्कूलों में भी पढ़ाई व्यवस्था को चौपट करने का मन बना चुकी है। वहीं दूसरी ओर निजी स्कूलों ने इस आदेश के खिलाफ लामबंद होकर आंदोलन करने की ठान ली है।
“राज शाला संबलन” सरकारी गाइडलाइन का व्यापक विरोध शुरू हो गया है। निजी शिक्षण संस्थान एकजुट होकर सरकार के इस आदेश पर पुनर्विचार किए जाने की मांग कर रहें है। वहीं सभी संगठनों ने 20 जुलाई को स्कूलें बंद रखकर इस आदेश के खिलाफ प्रदर्शन करने का निर्णय लिया है।
शुक्रवार शाम को शिवाजी शिक्षण संस्थान में स्कूल एज्युकेशन वेलफेयर एसोसिएशन सेवा के शहर अध्यक्ष मनोज गुंसाई की अध्यक्षता में स्कूल संचालकों की बैठक संपन्न हुई। गुंसाई ने बताया कि ये आदेश भ्रष्टाचार को बढ़ाने वाला साबित होगा और शिक्षा के क्षेत्र में इंस्पेक्टर राज कायम करने के साथ शिक्षा को बाधित करेगा। प्रदेश के सभी निजी विद्यालय इस आदेश से असंतुष्ट होने के साथ व्यथित और चिंतित है। निजी स्कूलों के शहर अध्यक्ष प्यारेलाल डुकिया ने कहा कि हर एक निजी विद्यालय आंदोलन का पूरजोर समर्थन करते हुए 20 को बीकानेर में शिक्षा निदेशालय पर होने वाले प्रदर्शन में शामिल होगा। निजी स्कूल संगठन शिक्षा परिवार के अध्यक्ष मूलचंद स्वामी ने सभी से एकजुट होकर आंदोलन को सफल करने का आह्वान किया। मनीष शर्मा ने बताया कि आदेश को स्थगित किया जाए और सरकार इसके तानाशाही स्वरूप पर विचार किया जाए। इस आदेश से अफसरशाही को बल मिलेगा और प्रताड़ना बढ़ने की संभावनाएं है। कुंभाराम घिंटाला ने सरकार को शिक्षा के क्षेत्र निजी स्कूलों की गुणवत्ता को महत्व देते हुए इस मामले में रवैया साफ करने की बात कही। बैठक में प्रमोद सारस्वत, राकेश व्यास, विवेक उपाध्याय, विनोद बेनीवाल, कांतिप्रकाश दर्जी, दुर्गाप्रसाद पालीवाल, मघराज प्रजापत, रिछपाल सिंह, श्यामसुदंर आचार्य, सुरेंद्र महावर, रामनिवास, सूर्यकांत चुरा सहित अनेक निजी विद्यालय संचालक शामिल रहें। सभी ने एक स्वर में 20 जुलाई को स्कूल में अवकाश रखकर प्रदर्शन में शामिल होने का संकल्प लिया।