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October 17, 2026
22-may
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 मई 2026। पढें आज का पंचांग, जाने और भी कई खास बातें आचार्य विष्णुदत्त शास्त्री के साथ।

🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 22-May-2026
☀ Sri Dungargarh, India

🔅 तिथि षष्ठी, सप्तमी 06:27 AM
🔅 नक्षत्र आश्लेषा 02:09 AM
🔅 करण तैतिल, गर 06:27 AM
🔅 पक्ष शुक्ल
🔅 योग वृद्धि 08:18 AM
🔅 वार शुक्रवार
☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 05:40 AM
🔅 चन्द्रोदय 11:09 AM
🔅 चन्द्र राशि 02:09 AM
🔅 सूर्यास्त 07:20 PM
🔅 चन्द्रास्त 00:48 AM
🔅 ऋतु ग्रीष्म
☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1948 पराभव
🔅 काली सम्वत 5127
🔅 दिन काल 13:39:33
🔅 विक्रम सम्वत 2083
🔅 मास अमांत ज्येष्ठ (अधिक)
🔅 मास पूर्णिमांत ज्येष्ठ (अधिक)
☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजीत 12:03 PM 12:58 PM
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 08:24 AM 09:19 AM
🔅 कंटक 01:52 PM 02:47 PM
🔅 यमघण्ट 05:31 PM 06:25 PM
🔅 राहु काल 10:48 AM 12:30 PM
🔅 कुलिक 08:24 AM 09:19 AM
🔅 कालवेला / अर्द्धयाम 03:41 PM 04:36 PM
🔅 यमगण्ड 03:55 PM 05:38 PM
🔅 गुलिक काल 07:23 AM 09:05 AM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल पश्चिम
☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, भरणी, रोहिणी, आर्द्रा, पुष्य, आश्लेषा, मघा, पूर्वा फाल्गुनी, हस्त, स्वाति, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, पूर्वाषाढ़ा, श्रवण, शतभिषा, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, कर्क, कन्या, तुला, मकर, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅 चल 05:40 AM – 07:23 AM
🔅 लाभ 07:23 AM – 09:05 AM
🔅 अमृत 09:05 AM – 10:48 AM
🔅 काल 10:48 AM – 12:30 PM
🔅 शुभ 12:30 PM – 02:13 PM
🔅 रोग 02:13 PM – 03:55 PM
🔅 उद्वेग 03:55 PM – 05:38 PM
🔅 चल 05:38 PM – 07:20 PM
🔅 रोग 07:20 PM – 08:38 PM
🔅 काल 08:38 PM – 09:55 PM
🔅 लाभ 09:55 PM – 11:13 PM
🔅 उद्वेग 11:13 PM – 00:30 AM
🔅 शुभ 00:30 AM – 01:48 AM
🔅 अमृत 01:48 AM – 03:05 AM
🔅 चल 03:05 AM – 04:23 AM
🔅 रोग 04:23 AM – 05:40 AM

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 05:23 AM समाप्त: 07:16 AM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 07:16 AM समाप्त: 09:30 AM

🔅 कर्क चर
शुरू: 09:30 AM समाप्त: 11:51 AM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 11:51 AM समाप्त: 02:08 PM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 02:08 PM समाप्त: 04:24 PM

🔅 तुला चर
शुरू: 04:24 PM समाप्त: 06:43 PM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: 06:43 PM समाप्त: 09:02 PM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: 09:02 PM समाप्त: 11:06 PM

🔅 मकर चर
शुरू: 11:06 PM समाप्त: 00:49 AM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 00:49 AM समाप्त: 02:18 AM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 02:18 AM समाप्त: 03:43 AM

🔅 मेष चर
शुरू: 03:43 AM समाप्त: 05:23 AM

दिन (वार) – शुक्रवार के दिन दक्षिणावर्ती शंख से भगवान विष्णु पर जल चढ़ाकर उन्हें पीले चन्दन अथवा केसर का तिलक करें। इस उपाय में मां लक्ष्मी जल्दी प्रसन्न हो जाती हैं। शुक्रवार के दिन नियम पूर्वक धन लाभ के लिए लक्ष्मी माँ को अत्यंत प्रिय “श्री सूक्त”, “महालक्ष्मी अष्टकम” एवं समस्त संकटो को दूर करने के लिए “माँ दुर्गा के 32 चमत्कारी नमो का पाठ” अवश्य ही करें ।
शुक्रवार के दिन माँ लक्ष्मी को हलवे या खीर का भोग लगाना चाहिए । शुक्रवार के दिन शुक्र ग्रह की आराधना करने से जीवन में समस्त सुख, ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है, दाम्पत्य जीवन सुखमय होता है बड़ा भवन, विदेश यात्रा के योग बनते है।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री