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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 मार्च 2026। बीकानेर में बिश्नोई समाज व पर्यावरणप्रेमियों के लंबे आंदोलन के बाद फरवरी, 2026 में ही राजस्थान सरकार ने खेजड़ी की कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। संसदीय कार्य व विधि मंत्री जोगाराम पटेल की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया गया जिसे वृक्ष संरक्षण कानून का मसौदा तैयार करने की दायित्व दिया गया।
श्रीडूंगरगढ़ के गांव पूनरासर की रोही में सोलर प्लांट लगाने के लिए आदेशों की धज्जियां उड़ा दी गई। करीब 24 बीघा भूमि पर एक पेड़ नहीं छोड़ा और सैंकड़ो पेड़ काटकर हजारों पंछियों के घर उजाड़ दिए। ग्रामीणों ने रोष जताते हुए प्रशासन व वन विभाग पर मामले में लीपापोती करने के आरोप लगाए। पर्यावरण प्रेमियों ने बताया कि इस स्थान के पास स्थित खेतों में एक बीघा में करीब 13 खेजड़ी के पेड़ खड़े है। इस 24 बीघा से सैंकड़ों की संख्या में पेड़ काटे गए है। वहीं प्रशासन द्वारा बहुत कम संख्या बताई जा रही है। बता देवें श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में ही नहीं अनेक स्थानों पर खेजड़ी कटाई बेरोक टोक जारी है। पेड़ काटकर उसपर मिट्टी डाल देने की कारस्तानी की जा रही है।
माणकरासर रोड पर स्थित इस प्लांट के निकट ही बालकनाथजी व माताजी के मंदिर है जहां पुजारी द्वारा प्रतिदिन कई किलो चुग्गा डाला जाता है। वहीं पूनरासर गांव में प्रसिद्ध हनुमानजी धाम सहित अनेक मंदिरों की अधिकता होने के कारण यहां पक्षियों की संख्या पूरे उपखंड क्षेत्र के गांवो से अधिक है। गांव में एक क्विंटल से अधिक चुग्गा मंदिरों में डाला जाता है। इस 24 बीघा भूमि पर हजारों पक्षियों के घोसलें थे जिन्हें उजाड़ दिया गया है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां घोंसले व विभिन्न पंछियों के अंडे बिखरे हुए है। वन्य जीव प्रेमियों व पर्यावरण प्रेमियों ने वन विभाग से नष्ट हुए सभी जीवों की जानकारी भी रिकॉर्ड में लेने की मांग की है।
ग्रामीण ओंकारनाथ सहित ने कड़ी नाराजगी जताते हुए बताया कि गत पांच दिन पूर्व बरसात व विवाह समारोह का समय देखकर पांच रातों में सैंकड़ो पेड़ काटे गए है। 24 बीघा पेड़ काटकर ऊपर से भूमि का समतलीकरण कर दिया गया है। पर्यावरण प्रेमी कैलाश बिश्नोई ने बताया कि सरकार दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। बिश्नोई सहित अनेक प्रर्यावरण प्रेमी मौके पर पहुंचे और घटना की निंदा करते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीण मोहननाथ, मुरलीनाथ, रामनाथ, उत्तमनाथ सिद्ध, मनफूल गोदारा, भादरनाथ, राजूनाथ, हरीनाथ, अर्जुननाथ, परमेश्वर पारीक, सावंत नाथ सहित अनेक सक्रिय युवा मामले की उच्च स्तरीय जांच व सख्त कार्रवाई की मांग कर रहें है।
सहायक वन संरक्षक सत्यपाल सिंह ने बताया कि रेवेन्यु का खसरा है और इस पर कार्रवाई भी रेवेन्यु डिपार्टमेंट द्वारा ही किया जाएगा।
नायब तहसीलदार सरजीत कुमार धायल ने बताया कि विभाग ने मौके पर जो जानकारी प्राप्त की उसका ड्राफ्ट बना लिया गया है। मंगलवार को एसडीएम कोर्ट में मामला दर्ज करवाया जाएगा।