Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
11-feb
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

🚩श्री गणेशाय नम:🚩

शास्त्रों के अनुसार तिथि के पठन और श्रवण से माँ लक्ष्मी की कृपा मिलती है ।
वार के पठन और श्रवण से आयु में वृद्धि होती है।
नक्षत्र के पठन और श्रवण से पापो का नाश होता है।
योग के पठन और श्रवण से प्रियजनों का प्रेम मिलता है। उनसे वियोग नहीं होता है ।
*करण के पठन श्रवण से सभी तरह की मनोकामनाओं की पूर्ति होती है ।
इसलिए हर मनुष्य को जीवन में शुभ फलो की प्राप्ति के लिए नित्य पंचांग को देखना, पढ़ना चाहिए ।

📜 आज का पंचांग 📜

☀ 11 – Feb – 2026
☀ Sri Dungargarh, India

☀ पंचांग
🔅 तिथि नवमी 10:01 AM
🔅 नक्षत्र अनुराधा 10:53 AM
🔅 करण :
गर 10:01 AM
वणिज 10:01 AM
🔅 पक्ष कृष्ण
🔅 योग व्याघात +02:29 AM
🔅 वार बुधवार

☀ सूर्य व चन्द्र से संबंधित गणनाएँ
🔅 सूर्योदय 07:15 AM
🔅 चन्द्रोदय +03:22 AM
🔅 चन्द्र राशि वृश्चिक
🔅 चन्द्र वास उत्तर
🔅 सूर्यास्त 06:21 PM
🔅 चन्द्रास्त 12:41 PM
🔅 ऋतु शिशिर

☀ हिन्दू मास एवं वर्ष
🔅 शक सम्वत 1947 विश्वावसु
🔅 कलि सम्वत 5127
🔅 दिन काल 11:06 AM
🔅 विक्रम सम्वत 2082
🔅 मास अमांत माघ
🔅 मास पूर्णिमांत फाल्गुन

☀ शुभ और अशुभ समय
☀ शुभ समय
🔅 अभिजित कोई नहीं
☀ अशुभ समय
🔅 दुष्टमुहूर्त 12:26 PM – 01:10 PM
🔅 कंटक 04:52 PM – 05:37 PM
🔅 यमघण्ट 09:28 AM – 10:12 AM
🔅 राहु काल 12:48 PM – 02:11 PM
🔅 कुलिक 12:26 PM – 01:10 PM
🔅 कालवेला या अर्द्धयाम 07:59 AM – 08:44 AM
🔅 यमगण्ड 08:38 AM – 10:01 AM
🔅 गुलिक काल 11:25 AM – 12:48 PM
☀ दिशा शूल
🔅 दिशा शूल उत्तर

☀ चन्द्रबल और ताराबल
☀ ताराबल
🔅 अश्विनी, कृत्तिका, मृगशिरा, पुनर्वसु, पुष्य, आश्लेषा, मघा, उत्तरा फाल्गुनी, चित्रा, विशाखा, अनुराधा, ज्येष्ठा, मूल, उत्तराषाढ़ा, धनिष्ठा, पूर्वाभाद्रपद, उत्तराभाद्रपद, रेवती
☀ चन्द्रबल
🔅 वृषभ, मिथुन, कन्या, वृश्चिक, मकर, कुम्भ

📜 चोघडिया 📜

🔅लाभ 07:15:19 – 08:38:36
🔅अमृत 08:38:36 – 10:01:53
🔅काल 10:01:53 – 11:25:09
🔅शुभ 11:25:09 – 12:48:26
🔅रोग 12:48:26 – 14:11:43
🔅उद्वेग 14:11:43 – 15:34:59
🔅चल 15:34:59 – 16:58:16
🔅लाभ 16:58:16 – 18:21:33
🔅उद्वेग 18:21:33 – 19:58:10
🔅शुभ 19:58:10 – 21:34:48
🔅अमृत 21:34:48 – 23:11:26
🔅चल 23:11:26 – 24:48:04
🔅रोग 24:48:04 – 26:24:42
🔅काल 26:24:42 – 28:01:20
🔅लाभ 28:01:20 – 29:37:58
🔅उद्वेग 29:37:58 – 31:14:35

📜 लग्न तालिका 📜

🔅 मकर चर
शुरू: 05:41 AM समाप्त: 06:59 AM

🔅 कुम्भ स्थिर
शुरू: 06:59 AM समाप्त: 08:52 AM

🔅 मीन द्विस्वाभाव
शुरू: 08:52 AM समाप्त: 10:18 AM

🔅 मेष चर
शुरू: 10:18 AM समाप्त: 11:54 AM

🔅 वृषभ स्थिर
शुरू: 11:54 AM समाप्त: 01:50 PM

🔅 मिथुन द्विस्वाभाव
शुरू: 01:50 PM समाप्त: 04:05 PM

🔅 कर्क चर
शुरू: 04:05 PM समाप्त: 06:25 PM

🔅 सिंह स्थिर
शुरू: 06:25 PM समाप्त: 08:42 PM

🔅 कन्या द्विस्वाभाव
शुरू: 08:42 PM समाप्त: 10:58 PM

🔅 तुला चर
शुरू: 10:58 PM समाप्त: अगले दिन 01:17 AM

🔅 वृश्चिक स्थिर
शुरू: अगले दिन 01:17 AM समाप्त: अगले दिन 03:36 AM

🔅 धनु द्विस्वाभाव
शुरू: अगले दिन 03:36 AM समाप्त: अगले दिन 05:41

🌺।। आज का दिन मंगलमय हो।।🌺

बुधवार के दिन गणेश जी को रोली का तिलक लगाकर, दूर्वा अर्पित करके लड्डुओं का भोग लगाकर उनकी की पूजा अर्चना करने से सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

* बुधवार को सभी ग्रहो के राजकुमार बुध देव की आराधना करने से ज्ञान मिलता है, वाकपटुता में प्रवीणता आती है, धन लाभ होता है ।

पण्डित विष्णुदत्त शास्त्री