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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 जनवरी 2026। न्यायाधीश सरिता नौशाद ने सड़क हादसे में युवक की मौत के मामले में फैसला सुनाते हुए कार चालक की लापरवाही को साबित मानते हुए मृतक के परिजनों को कुल 9 लाख 57 हजार 280 रुपए मुआवजा देने का आदेश दिया है। यह राशि कार चालक, वाहन मालिक और बीमा कंपनी से संयुक्त रूप से वसूल की जाएगी।
ये था मामला..
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। यह हादसा 24 नवंबर 2020 को शाम करीब 7 बजे बेनीसर फांटा के पास हुआ था। पूनरासर निवासी औंकारनाथ अपनी मोटरसाइकिल से श्रीडूंगरगढ़ से गांव लौट रहा था। रास्ते में साथी शंकरनाथ के पेशाब के लिए रुकने के दौरान कार चालक ने तेज और लापरवाही से वाहन चलाते हुए सड़क किनारे खड़े औंकारनाथ को टक्कर मार दी। गंभीर चोटों के कारण औंकारनाथ को पहले श्रीडूंगरगढ़, फिर बीकानेर और बाद में जयपुर रेफर किया गया, जहां 26 दिसंबर 2020 को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी जेती और अन्य परिजनों ने मोटर वाहन अधिनियम के तहत क्लेम याचिका दायर की थी। बीमा कंपनी ने हादसे और एफआईआर में देरी पर सवाल उठाए, लेकिन कोर्ट ने माना कि इलाज और पारिवारिक हालात के कारण एफआईआर में देरी स्वाभाविक थी।
कोर्ट ने सुनाया निर्णय।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। अधिकरण ने माना कि हादसा कार चालक की तेज और लापरवाह ड्राइविंग से हुआ है। कोर्ट ने मृतक की उम्र 33 वर्ष मानते हुए उसकी आय को न्यूनतम मजदूरी के आधार पर आंका और भविष्य की आय वृद्धि को भी जोड़ा। कोर्ट ने मृतक की पत्नी ,पुत्र और पुत्री को 9,57,280 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। इस राशि पर 6% वार्षिक ब्याज भी देय होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि मुआवजा यह राशि चेक, ड्राफ्ट या नेफ्ट के माध्यम से ही दी जाएगी।