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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 18 दिसंबर 2025। भागवत कथा सात दिन का भगवान का उत्सव है। उत्सव में उत्साह के साथ भक्त शामिल होते है, जिन पर भगवान की कृपा बरसती है। ये बात कथावाचक गौरव कृष्ण गोस्वामीजी ने तेजा गार्डन सेरूणा में आयोजित भागवत कथा में गुरूवार को कही। महाराज ने कहा कि सज्जन अपनी सज्जनता कभी नहीं छोड़ते, जैसे दुर्जन अपनी दुर्जनता नहीं छोड़ते है। परंतु धर्म का मूल दया है। जीवन में दया व क्षमा जरूर होनी चाहिए। ये सद्प्रेरणा देते हुए कथावाचक ने संत एकनाथजी, भक्त धन्नाजी के कथा प्रसंग सुनाए। गांव सेरूणा के तेजा गार्डन में आयोजित भागवत कथा के दूसरे दिन प्रसिद्ध कथावाचक ने अनेक लोकोचार से जुड़ी कथाओं का वर्णन करते हुए धर्म व भक्ति मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने श्रद्धा का महत्व बताया और भगवान सालिग्रामजी की महिमा का वर्णन किया। कथा में गोस्वामीजी ने अनेक कथा प्रसंग सुनाते हुए भीष्म को दर्शन देने, उत्तरा के गर्भ की ब्रह्मस्त्र से रक्षा करने पर भगवान की दयालुता का वर्णन किया। महाराज ने अश्वथामा की कथा सुनाते हुए कहा कि धर्म के साथ भगवान है। अर्धम के साथ चाहे सारी दुनिया हो जाए परंतु धर्म के साथ भगवान रहते है। कथावाचक ने माँ की महिमा का भी गुणगान किया। कथा में संगीतमय सुदंर भजनों व कीर्तन का समावेश रहा जिन पर श्रद्धालु झूम कर नाचे। मुख्य यजमान राधाकृष्ण करनाणी व उनकी पत्नी लीलादेवी करनाणी अपने पूरे परिवार व कुंटुंब के साथ कथा श्रवण कर रहें है। वहीं आयोजक परिवार द्वारा विभिन्न व्यवस्थाएं संभाली जा रही है। कथा में बड़ी संख्या में सेरूणा, श्रीडूंगरगढ़ सहित आस पास के गांवो से भी श्रद्धालु शामिल हो रहें है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। कथा के दूसरे दिन गोस्वामीजी ने धर्म व भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सेरूणा के तेजा गार्डन में आयोजित कथा में शामिल हुए बड़ी संख्या में श्रद्धालु।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे।