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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 1 दिसंबर 2025। बिना नगदी, बिना सामान व बिना गहने लिए पूर्णतया दहेज मुक्त विवाह कर गांव लोढ़ेरा के गोदारा परिवार ने दहेज मुक्त विवाह का संदेश दिया। परिवार ने चकाचौंध से दूर पूरी तरह से सादगी भरे समारोह में विधि विधान से विवाह संपन्न करवाया।
गांव का स्टेशन मास्टर लड़का पूनमचंद पुत्र कालूराम गोदारा व सुपौत्र पेमाराम गोदारा का विवाह बीती रात गांव बरजांगसर में प्रह्लादराम सियाग की पुत्री उर्मिला से संपन्न हुआ। उर्मिला भी राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के पद पर सेवारत है। पूनमचंद कर्नाटक के दाउणगिरी जिले में माईकोंडा रेलवे स्टेशन पर पोस्टेड है। पूनमचंद ने बताया कि युवा पीढ़ी शिक्षा का सही अर्थ समझे और लड़का व लड़की को समानता का दर्जा देने लगे तो दहेज प्रथा समाज से विदा हो जाएगी। पूनमचंद ने विवाह में बढ़ रहें अत्यधिक दिखावे को भी परंपरानुकुल नहीं मानते हुए सादगी से विवाह संपन्न करने पर विश्वास जताया। पूनमचंद ने कहा कि रिश्तों में आपसी समझ, स्नेह, सहयोग व विश्वास बना रहें तो अन्य किसी वस्तु की आवश्यकता नहीं होती है। वहीं गोदारा परिवार की एएनएम बेटी सरिता गोदारा का विवाह कागासर निवासी रमेश मान पुत्र रामकिशन मान के साथ संपन्न हुआ। यह भी पूर्णतया दहेज मुक्त विवाह बिल्कुल सादगी भरे समारोह में किया गया। गोदारा परिवार की इस पहल की गांव में ही नहीं चारों और सराहना हो रही है। नाते रिश्तेदार इसे आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत देहज मुक्त विवाह को बताते हुए वधू को लक्ष्मी स्वरूप मान कर गृह प्रवेश करवाने की प्रशंसा कर रहें है। मौजिज ग्रामीणों ने भी विवाह को पवित्र बंधन बताते हुए अब पढ़े लिखे युवाओं द्वारा दहेज को नकार देने की बात कहते हुए अपना समर्थन दे रहें है।