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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 13 नवंबर 2025। किसान की समस्या हो या शहर के आमजन की पानी की समस्या, क्षेत्र की ट्रोमा की मांग हो, ये सरकार गूंगी बहरी है और गूंगा बहरा प्रशासन हो गया है। वर्तमान जनप्रतिनिधि समस्याओं को लेकर उदासीन है। हम आमजन से अपील करते है कि समर्थन मूल्य पर खरीद की समस्या, शहर में पानी की समस्या और ट्रोमा की समस्या को समझे और गंभीरता से लेवें। ये बात पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने गुरूवार को आयोजित प्रेस वार्ता में कही। महिया ने शुक्रवार को अखिल भारतीय किसान सभा के बैनर तले जिला कलेक्टर कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपनी आवाज प्रशासन तक पहुंचाने की बात कही। महिया ने कहा कि मूंगफली खरीद में बिल की शर्त उचित नहीं है, बिल की अनिवार्यता लगाकर किसानों को परेशान किए जाने की तैयारी प्रशासन ने की है। अनिवार्यता की बात करने वाले लोग धरातल पर किसानों की समस्या को समझने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय किसान सभा इसका पूरजोर विरोध करती है। कल ये विरोध जिला कलेक्टर को दर्ज करवाया जाएगा। वार्ता के दौरान किसान नेता गिरधारी जाखड़, डूंगरराम महिया, पूर्व पार्षद हनुमान मेघवाल, युवा नेता गौरव टाडा, मुकेश ज्याणी, भंवरलाल प्रजापत, जावेद बेहलीम, आमिर खान, सुभाष जावा, शौकीन काजी, ताहिर काजी, मुखराम नायक, हनुमान कूकणा, कमल करवा, मुकेश दमामी सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहें।
गड़बड़ी हो वहां जांच करें, पर किसान को परेशान ना करें प्रशासन।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने कहा कि पूरे संभाग में सर्वाधिक मूंगफली बीकानेर में हो रही है। यहां समर्थन मूल्य पर खरीद 2001 में शुरू हुई और 2014 तक सरकार पूरी मूंगफली खरीद कर रही थी। बाद में खरीद सीमा 24 क्विंटल प्रति किसान कर दी गई जिसे गत वर्ष से सरकार ने 40 क्विंटल कर दी है। आज जिले भर में किसानों की हालात बिगड़ रहें है, उनकी आर्थिक स्थित खराब हो रही है। हालात ये है कि बीकानेर जिले के किसान खेतों में पैदावार होने के बावजूद बैंक लॉन और बिजली बिल नहीं भर पा रहें है। उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक खरीद शुरू नहीं की, इस देरी का खामियाजा किसान भुगत रहा है। किसान बाजार में मूंगफली बेचने को मजबूर है। जिससे प्रति क्विंटल किसान को दो से ढाई हजार का नुकसान उठाना पड़ रहा है। महिया ने कहा कि नैफेड द्वारा बाजार में मूंगफली बेचान तुरंत बंद हो और खरीद शीघ्र शुरू करें। महिया ने कहा कि पूरे प्रदेश में कहीं भी खरीद में बिजली बिल की अनिवार्यता नहीं है, ये अव्यवहारिक है। जिसे तुरंत हटाया जाए, कहीं गड़बड़ी है तो जांच करें प्रशासन पर किसान को परेशान ना करें। महिया ने मूंग व मूंगफली खरीद क्षमता बढ़ाने की मांग की।
ट्रोमा के अभाव में दम तोड़ रहें क्षेत्र के लोग।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूर्व विधायक ने कहा कि ईलाज के अभाव में क्षेत्र के लोग दम तोड़ रहें है। ट्रोमा निर्माण संघर्ष समिति द्वारा 395 दिनों से धरना जारी है। दो समुदायों के सौहार्द की मिसाल के रूप में कायम होता ट्रोमा सेंटर, जिसके लिए कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। राजनीतिक व प्रशासनिक उदासीनता साफ नजर आ रही है। धरने को लेकर भी वर्तमान प्रतिनिधि प्रशासन गंभीर नहीं है।
शहर जूझ रहा पानी की समस्या से।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने कहा कि शहर ने सर्वाधिक वोट वर्तमान विधायक को दिए। परंतु फिर भी इन्हें शहर की पानी की समस्या नजर नहीं आ रही है। पालिका से लेकर पूरा शासन प्रशासन इनका है फिर पानी की समस्या का हल तो करवा दें।
शिविर बने मजाक, राजनीतिक भेदभाव बंद करें।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पूर्व विधायक ने प्रेस वार्ता में कहा कि ये प्रशासन द्वारा लगाए जा रहें शिविर क्षेत्र में मजाक बने गए है। एक दो शिविर में उद्घाटन के सिवा कोई प्रतिनिधि या अधिकारी इन्हें संभालने नहीं पहुंचा। शिविरों में काम नहीं हो रहें है। कैंपों में कितने पट्टे जारी किए कोई बताएं तो सही। महिया ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की पार्टी सीपीआईएम धरातल पर संघर्ष करती है। परंतु प्रशासनिक अधिकारी राजनीतिक भेदभाव कर रहें है। पूर्व जनप्रतिनिधि होने के बावजूद पार्टी को बीएलओ बैठक में नहीं बुलाया गया। यहां केवल दो बड़े दलों को बुलाकर इतिश्री कर ली गई। महिया ने ये भेदभाव बंद करने की बात कही।