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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 22 दिसम्बर 2020। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के निवासियों, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों को श्रीडूंगरगढ़ में प्रशासनिक स्तर पर इतनी असक्षमता पहले कभी देखने को नहीं मिली होगी कि अधिकारी वर्ग केवल राजनीतिक इशारों को पूरा करने में व्यस्त रह कर अपने मूल कार्य को भूल ही जाए। ऐसा ही हो रहा है श्रीडूंगरगढ़ की पंचायत समिति में, जहां ग्राम विकास अधिकारियों का लगातार शोषण अधिकारियों की असक्षमता के कारण हो रहा है। हालांकि ग्राम विकास अधिकारियों से कार्य करवाने एवं उनकी समस्याएं समाधान करवाने के लिए पंचायत समिति विकास अधिकारी का पद तो है लेकिन यह पद पिछले लंबे समय से केवल राजनैतिक फुटबॉल बना हुआ है तथा इस राजनैतिक फुटबाल के मैच में जिस नेता का पासा पड़ा उसी ने विकास अधिकारी के पद पर अपना खिलाड़ी तैनात कर दिया। विडम्बना की बात यह है कि श्रीडूंगरगढ़ में विकास अधिकारी पद पर ढाई महीने में ही सात बार अधिकारी बदल दिए गए। 4 अगस्त से 22 अक्टूबर के बीच सात बार विकास अधिकारी बदले गए और गत 22 अक्टूबर के बाद श्रीडूंगरगढ़ एसडीएम दिव्या चौधरी के पास यह पद स्थाई सा हो गया है। दो माह से लगातार दिव्या चौधरी एसडीएम के साथ साथ पंचायत समिति विकास अधिकारी का चार्ज भी संभाल रही है लेकिन क्षेत्र के ग्राम विकास अधिकारियों की समस्याओं का समाधान करने की और तो उनका ध्यान ही नहीं गया है। अधिकारी के सीट पर जमने के इंतजार में लंबे समय से परेशान ग्राम विकास अधिकारियों को दो माह से अधिक समय से एसडीएम के विकास अधिकारी की सीट पर होने के बाद उम्मीद जगी थी लेकिन उनके द्वारा भी सुनवाई नहीं किए जाने से व्यथित ग्राम विकास अधिकारियों ने बार बार ज्ञापन दिए है एवं अब बैठक कर आंदोलन का निर्णय भी ले लिया है। ग्राम विकास अधिकारियों ने 12 जून, 29 जून, 7 दिसम्बर, 21 दिसम्बर को इस संबध में ज्ञापन दिए। राजस्थान ग्राम विकास अधिकारी संघ की स्थानीय शाखा के बैनर तले ग्राम विकास अधिकारियों ने विकास अधिकारी को ज्ञापन भी दिया है एवं अपनी समस्यांए बताते हुए शीघ्रता से समाधान नहीं करवाने पर आंदोलन पर जाने की चेतावनी दी है। अपने ज्ञापन में ग्राम विकास अधिकारियों ने 12 सूत्रीय मांगों का उल्लेख करते हुए इस कर्मचारी वर्ग के साथ हो रहे शोषण को रोकने की मांग की है और शीघ्र मांगें पूरी नहीं करने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।