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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अक्टूबर 2025। शारदा सीताराम मोहता परिवार द्वारा नेहरू पार्क में आयोजित सप्त दिवसीय भागवत कथा के आज पांचवे दिन कृष्ण लीलाओं का वर्णन करते हुए महामंडलेश्वर आचार्य स्वामी भास्करानंदजी महाराज ने धर्म के बिना जीवन को व्यर्थ बताया। महाराज ने कहा कि जीवन में धर्म नहीं तो जीवन व्यर्थ है क्योंकि इस लोक से परलोक में केवल धर्म ही साथ जाएगा। इसलिए बचपन से बुढ़ापे तक धर्म का साथ पकड़े रखें। उन्होंने संतो के आशीर्वाद का महत्व बताया, ब्राह्मणाों को शास्त्रों में वर्णित नियमों का पालन करने की प्रेरणा दी। महाराज ने कहा कि व्यक्ति में नौ गुण हो और एक अवगुण हो तो लोग उसके नौ गुण नहीं देखकर एक अवगुण की निंदा करेंगे। परंतु भगवान अपने भक्त में अवगुण नहीं देखते है। वे प्रेम से पुकारने पर दौड़े चले आते है। उन्होंने भगवान को कृपानिधान बताते हुए भगवान की शरण लेने की बात कही और कहा कि वे सदैव अपने शरणागत पर कृपा करते है। महाराज ने हरि अनंत हरि कथा अनंता बताते हुए सत्संग करने, कथा का सार ग्रहण कर जीवन में सार्थक परिवर्तन करने की बात कही। संसार को मृगमरीचिका बताते हुए जैसा हो संग वैसा चढ़े रंग की बात कही। महाराज ने जन्मदिन पर मोमब्बत्ती नहीं बुझाकर दीप जलाने, स्वस्ति वाचन करने, आशीर्वाद देने की सनातन परंपरा का अनुसरण करने की बात कही। उन्होंने कहा कि सनातन परंपराएं समृद्ध शाली है, भारतवासी आधुनिक अंग्रेज नहीं बनकर आध्यात्मिक उन्नति व आनंद देने वाली संस्कृति को अपनाए। महाराज ने पूतना वध, गोपी प्रेम, विभिन्न असुरों के वध, कालिया नाग वध, गिरीराज पूजन प्रारंभ करवाने, माखन चोर, कृष्णचंद्र, मदन गोपाल नाम मिलने के प्रसंगो का उल्लेख किया। कथा पांचवे दिन मंगलवार को कथा स्थल पर गोवर्धन पूजन किया गया। भगवान को छप्पन प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाया गया। नन्हें मुन्नों को भगवान की सुंदर वेष में सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजन किया। अतिथियों व विशिष्ट जनों को मंच से आशीर्वाद दिया गया। कथा स्थल पर ही मंगलवार शाम 6.30 बजे साध्वीजी के सान्निध्य में संगीतमय सुदंरकांड का आयोजन किया जाएगा।