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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 21 दिसम्बर 2020। सोमवार का दिन श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के लिए वह काला दिन बन गया है जब यहां की जनता ने प्रशासन की तानाशाही पूर्ण कार्रवाई को झेला है। यहां प्रशासन द्वारा अलसुबह 6 बजे 5 जेसीबी के साथ नेशनल हाइवे पर पहुंच कर मालिकाना हक के विवाद में सालों से बसे हुए नागरिकों के घरों को जमीजोंद करने की कार्रवाई की गई है। प्रशासन की इस कार्रवाई में क्रूरता का आलम यह रहा कि अपने घर तोड़ने का विरोध करने वाली महिलाओं, बच्चों को घसीट कर बाहर निकाला गया। घरों को अंदर से बन्द करने पर पुलिस जवानों द्वारा छतों पर कूद कर घर के अंदर उतरा गया और घरों को खोल कर महिलाओं, बच्चों को कड़कड़ाती ठंड में बाहर निकाला गया। यही नहीं विरोध करने वाली महिलाओं को थाने ले जाया गया और किसी प्रकार की अशांति ना हो इसके नाम पर थाने में बैठा लिया गया है। मौके पर बने हुए फार्म हाउस में हरे पेड़ पौधों को भी नहीं छोड़ा गया है और उन पर भी जेसीबी चला दी गयी है। प्रसाशन की कार्रवाई पर पूरे कस्बे में सवाल यह उठ रहा है कि आखिर प्रसाशन पर ऐसा कौन सा दबाव था जो प्रसाशन को ऐसे दमनकारी रवैया अपनाना पड़ा है।