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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 जुलाई 2025। प्रदेश भर में जर्जर सरकारी भवनों के हालातों पर आमजन के मन में रोष है। झालावाड़ जिले में हुई 7 मासूमों की मौत ने जन मन को झकझोर दिया। श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के कालू बास में स्थित राजकीय माहेश्वरी बालिका उच्च प्राथमिक विद्यालय का भवन हादसे को न्यौता दे रहा है। छत से चुनाई गिर रही है, दीवारों में दरारें हैं, हर कक्षा में सीलन से हाल बेहाल है और छत की पट्टियों में कभी भी टूटकर गिर जाने वाली दरारें है। हैरानी की बात यह है कि बरसात के दिनों में पूरे कक्षा कक्ष पानी से भर जाते हैं और अब इन कक्षों का फर्श भी धंसने लगा है। आज अचानक, सोमवार को विधायक ताराचंद सारस्वत मौके पर पहुंचे और विद्यालय का निरीक्षण किया। विधायक ने नाराजगी जताते हुए श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन के नींद कब टूटने की बात कही। उन्होंने मौके से ही सीबीईओ को फोन किया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी रामगोपाल को कॉल कर पूरी स्थिति से अवगत करवाया। डीईओ ने तत्काल एक प्रतिनिधि को मौके पर भेजा। विधायक ने अधिकारियों को फटकार लगाई व बच्चों के जीवन से खिलवाड़ करने पर रोष जताया।
कक्षा कक्षों में सीलन, कमजोर दीवारें, दिए गिराने के निर्देश।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। विद्यालय में 47 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जिनमें से 41 बालिकाएं हैं। बच्चों के अभिभावकों ने डर के चलते स्कूल भेजना तक बंद कर दिया है। विधायक ने बताया कि हैरानी की बात यह है कि इस भवन को 4 मार्च 2025 को ही खतरनाक घोषित कर तोड़ने के आदेश दिए गए थे, लेकिन प्रशासनिक सुस्ती के चलते अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। यहां कक्षाएं लगाए जाने पर विधायक खासे नाराज हुए। विद्यालय की प्रभारी प्रधानाध्यापिका दीपा शर्मा ने बताया कि कई बार जर्जर भवन की शिकायत विभाग को दी गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मोहल्लेवासियों का कहना है कि यहां बच्चे और अध्यापक दोनों डर के साए में दिन गुजार रहे हैं। विधायक सारस्वत ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस भवन को तुरंत गिराया जाए और सभी विद्यार्थियों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाए।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बरसात में पानी भरने से आंगन धंसने लगा है, इसे गिराने की रिपोर्ट के बावजूद नहीं हुई है कार्रवाई।