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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 23 जुलाई 2025। पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों का कैडर रिव्यू पिछले बजट में मुख्यमंत्री द्वारा करने की घोषणा किए जाने के बाद भी पंचायती राज विभाग द्वारा नहीं किया जा रहा है। इसके अभाव में ग्राम पंचायतों, जिला परिषदों सहित अन्य कार्यालयों में लगे मंत्रालयिक कार्मिकों में रोष बढ़ता जा रहा है। राजस्थान पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारी संगठन के प्रदेश व्यापी आह्वान पर बुधवार को श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में कार्यरत पंचायती राज बाबुओं ने भी विकास अधिकारी एवं उपखण्ड़ अधिकारी को ज्ञापन देकर अपना रोष जताया। विदित रहे कि राज्य में वित्त विभाग द्वारा मंत्रालयिक कर्मचारियों के पदोन्नति पदों में 53 : 47 का अनुपात तय किया हुआ है। याने के इस नियम में 47 प्रतिशत पद कनिष्ठ सहायक एवं 53 प्रतिशत पद पदोन्नति पद सृजित किए जाने का प्रावधान है और इसी नियम के तहत ही सभी विभागों में पद स्वीकृत भी है। लेकिन पंचायती राज विभाग में यह अनुपात 80:20 का रखा जा रहा है एवं इससे सभी मंत्रालयिक कार्मिकों में रोष है। इस संबध में मुख्यमंत्री द्वारा बजट में कैडर रिव्यू की घोषणा भी की गई थी और कैडर रिव्यू के प्रस्ताव बना कर पत्रावली भी पंचायती राज विभाग द्वारा वित्त विभाग को भेज दी गई थी। लेकिन पंचायती राज के ही प्रतिद्वंदी कार्मिकों के संगठन के प्रदेशाध्यक्ष द्वारा झूठी शिकायत करवाई गई एवं इस शिकायत पर वित्त विभाग द्वारा बिना किसी उचित कारण के पत्रावली लौटा दी गई एवं। अब दो माह से पंचायती राज विभाग के स्तर पर पत्रावली लंबित पड़ी है। इस मांग पर पूर्व में पंचायती राज संस्थाओं में लगे 16 हजार से अधिक मंत्रालयिक कार्मिकों ने वर्ष 2023 में जयपुर में 64 दिनों तक महापड़ाव भी ड़ाला था। इसके बाद मंत्रालयिक कार्मिकों के संगठन के पदाधिकारियों पर दमनात्मक कार्रवाही भी की जा रही है। बुधवार को ज्ञापन में दमनात्मक कार्रवाही बंद करने, कैडर रिव्यू के कार्य को जल्द से जल्द करने की मांग की गई है एवं समाधान नहीं करने पर राज्य के सभी विभागों में कार्ररत 1 लाख से अधिक मंत्रालयिक कार्मिकों के भी आंदोलन में उतरने की चेतावनी दी गई है। ज्ञापन देने वालों में संगठन के इकाई अध्यक्ष सोहनराम इंदलिया, महामंत्री रामसहाय मीणा, संरक्षक भोमराज गोदारा, ओमप्रकाश, भागीरथ खिलेरी, सुनील कुमार शर्मा, जयनारायण शर्मा, मुकेश कुमार, भूपेन्द्र कुमार, जय प्रकाश महावर, संजय कुमार, सरला जांगीड़, श्यामसुदंर नाई आदि शामिल रहे।

कार्य विभाजन स्पष्ट करने की मांग, ग्राम पंचायतों में सिंगल ओटीपी से पेमेंट पर हो अंकुश।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बुधवार को दिए ज्ञापन में मंत्रालयिक कार्मिकों ने ग्राम पंचायतों के रिकार्ड में पारदर्शिता के लिए पंचायत स्तरीय कर्मचारी ग्राम विकास अधिकारी एवं कनिष्ठ सहायक की समकक्षता के आधार पर समान अधिकारों के साथ जॉब चार्ट तय कार्य विभाजन स्पष्ट करने की मांग की गई है। साथ ही पंचायतों में भ्रष्टाचार पर अंकुश के लिए पंचायत लेखों में सिंगल ओटीपी व्यवस्था को समाप्त कर लेखों में मेकर, चेकर एवं अप्रुवर व्यवस्था करने की मांग भी की गई है। ज्ञापन में आरोप लगाए गए कि इन मांगों से बौखला कर प्रतिद्वंदी कार्मिकों के संगठन द्वारा झूठी शिकायतें की गई है एवं झूठी शिकायतों पर राज्य सरकार द्वारा लिए जा रहे सही निर्णय को भी रोक देने पर रोष जताया गया है।