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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 3 जुलाई 2025। (विशाल स्वामी) हर दिन हो रहे हादसो में दम तोडती जिंदगियों, विकलांग हो रही जवानी एवं उजडते घर-परिवार वाले श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र की एक ही पुकार है कि यहां जल्द से जल्द ट्रोमा सेंटर का निर्माण होकर हादसों में घायलों को जान बचाई जाए। लेकिन शायद लालफीताशाही, राजनीति में उलझ चुके क्षेत्र के जिम्मेदारों ने श्रीडूंगरगढ़ की इस पुकार को नहीं सुनने के लिए आंखों पर पट्टी के साथ साथ कानों को भी बंद कर लिया है। क्षेत्र की यह पुकार सुनने वाला यहां शायद कोई नहीं है, और श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स की यह एक्सक्लूसिव रिपोर्ट ट्रोमा के निर्माण में किसी पर कोई आक्षेप नहीं लगाते हुए केवल यही अपील कर रही है कि अगर किसी के पास कान है तो सुनें क्षेत्र की यह पुकार।

ट्रोमा निर्माण की आखिरी उम्मीद बनी सभी मांगों पर सहमति, लालफीताशाही ने बंद कर लिए आंख-कान।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ में वर्षों से लंबित ट्रोमा सेंटर बनाने की मांग वर्ष 2023 में सुनी गई एवं दो वर्ष घोषणा के दो वर्षों भी इसके निर्माण में अनेकों अड़चनें आई। ट्रोमा सेंटर बनाने के लिए आगे आए भामाशाह द्वारा शहर में अन्य निर्माणों की तर्ज पर मिट्टी भराव एवं चारदिवारी की अपेक्षा स्थानीय राजनैतिक नेतृत्व से करने की अपेक्षा पुरे क्षेत्र को भारी पड़ गई एवं इस कारण दो वर्षों सैंकड़ों युवाओं को उच्च स्तरीय उपचार के अभाव में अपनी जानें गंवानी पड़ी। इस निर्माण देरी में किसका, क्या दोष रहा इस पर बहस तो क्षेत्र के सोशल मीडिया से लेकर गली चौराहे की चर्चाओं में चल रही है और अपने अपने नेताओं के सर्मथन में खुब आरोप-प्रत्यारोप भी किए जा रहे है। एक और भामाशाहों द्वारा वर्तमान राजनैतिक नेतृत्व को सहयोग नहीं करने एवं अडचने लगाने के आरोप है तो दूसरी और राजनैतिक नेतृत्व द्वारा भामाशाहों के विरोधियों का टूल-किट बन कर क्षेत्र की जनता के साथ थोथी घोषणा कर धोखा करने का आरोप लगाया जा रहा है। वहीं विपक्ष द्वारा ट्रोमा के मामले में निजी स्वार्थ के आरोप भी लगाए जा रहे है। लेकिन अब क्षेत्र की आवश्यकता है कि एक दूसरे पर लगाए जा रहे आरोपों के इस दौर को समाप्त किया जाए एवं जब भामाशाह द्वारा सभी शर्तें मान ली गई है तो ट्रोमा का निर्माण जल्द से जल्द शुरू करवाया जाएगा। भामाशाह द्वारा सभी शर्तें मानते हुए समस्त गाईडलाईनों को पूर्ण करते हुए दो लेयर में बेसमेंट पार्किंग एवं दो मजिंल जमीन के ऊपर, कुल 173200 वर्ग फीट से अधिक निर्माण का नक्शा दे दिया गया। भामाशाह द्वारा अब सभी नई पुरानी शर्तें मान ली गई एवं पहले 1 लाख स्कायर फीट के निर्माण हेतु एवं अब 1.73 लाख स्कायर फीट हेतु निर्माण करने के लिए सहमति दे दी गई है तो क्षेत्रवासियों को उम्मीद जगी है कि जल्द ट्रोमा का निर्माण शुरू हो सके।

13 अधिकारियों के दल ने अनुमोदित किया नक्शा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ट्रोमा सेंटर बनाने के लिए तैयार भामाशाह द्वारा चिकित्सा विभाग नवीन नक्शे दिए गए एवं इन नक्शों के अनुमोदन के लिए गत 13 मई को चिकित्सा विभाग के जनस्वास्थ्य निदेशक के कक्ष में उच्चस्तरीय अधिकारियों की सामूहिक बैठक रखी गई। इस बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं मुख्यालय से जनस्वास्थ्य निदेशक, आरसीएच निदेशक, चिकित्सा प्रशासन के अतिरिक्त निदेशक, एनएचएम के मुख्य अभियंता, योजना अतिरिक्त निदेशक, एनएचएम के वरिष्ठ वास्तुकार, परिवार कल्याण के परियोजना निदेशक, चाईल्ड हैल्थ के परियोजना निदेशक, मैटरनिटी हैल्थ के परियोजना निदेशक, चिकित्सा प्रशासन के ट्रोमा उप निदेशक, एमएनडीवाई के नोडल अधिकारी, एनएमजेवाई के नोडल अधिकारी, ब्लड बैंक के नोडल अधिकारी व दानदाता परिवार की और से उनका प्रतिनिधि वास्तुकार उपस्थित रहे। चिकित्सा विभाग के सभी विंगों के उच्चाधिकारियों द्वारा यह नक्शा अनुमोदित कर उस पर हस्ताक्षर कर दिए गए है।

22 मई को निकाला निर्माण करवाने का आदेश, बीच रास्ते हुआ गायब।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ में बनने वाले ट्रोमा सेंटर एवं उप जिला चिकित्सालय के नवीन नक्शे अनुमोदित होने के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के अतिरिक्त निदेशक द्वारा बीकानेर सीएमएचओ को पत्र देकर एमओयू करवाने एवं निर्माण शुरू करवाने के निर्देश गत 22 मई 2025 को दे दिए गए। इस संबध में एक आदेश पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। हालांकी इस पत्र की पुष्टि बीकानेर सीएमएचओ पुखराज साध नहीं कर रहे। इस वायरल पत्र में अतिरिक्त निदेशक द्वारा बीकानेर सीएमएचओ को भामाशाह से सम्पर्क कर पत्र में सलंग्न एमओयू प्रारूप की शर्तें अनुसार दानदाता से एमओयू कर अविलम्ब दानदाता से भवन निर्माण करवाया जाने की कार्रवाही करने एवं एमओयू की सत्यापित छायाप्रति जयपुर भिजवाने के निर्देश दिए गए। लेकिन लालफीताशाही की चरम तो यहां देखने को मिल रही है कि यह आदेश जारी होने के 40 दिन बीत जाने के बाद भी यह आदेश अभी तक बीकानेर सीएमएचओ कार्यालय नहीं पहुंचा है।

“श्रीडूंगरगढ़ ट्रोमा सेंटर का एमओयु करने का निर्णय सरकार के स्तर पर लंबित है, एमओयु करने के संबध में अभी तक किसी प्रकार का कोई निर्देश नहीं मिला है। यह पत्र सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त हुआ है एंव इस बारे में पता किया जाएगा – पुखराज साध, सीएमएचओ, बीकानेर।”

अभी तक ट्रोमा सेंटर में जो भी हुआ हो लेकिन अब क्षेत्र में हर रोज सड़क हादसों, कृषि कार्य के हादसो एवं अन्य हादसों में हो रही मौतों के सिलसिले को रोकने का समय आ गया है एवं क्षेत्र एक स्वर में सभी जिम्मेदारों से अपील कर रहा है कि सभी आपसी असहमतियां, गलतफहमियां, दलगत राजनीति छोड कर ट्रोमा सेंटर के निर्माण को जल्द से जल्द शुरू करवाया जाए।

देखें वायरल पत्र का फोटो –