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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 28 अक्टूबर 2020। श्रीडूंगरगढ़ कालूबास निवासी व जयपुर प्रवासी 58 वर्षीय कैलाश सोमाणी ने क्षेत्रवासियों को श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स के माध्यम से खुला पत्र लिखा है। उनका पत्र श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के सभी निवासियों के लिए कोरोना से बचाने में जागरूकता का कार्य कर सकता है आप जरूर इसे पूरा पढ़े व शेयर करें ताकि लापरवाही बरत रहें लोग अपने साथ गांव व परिवार की सुरक्षा करने के लिए सतर्क हो सकें।
प्रिय श्रीडूंगरगढ़ वासियों,

मैं कैलाश सोमाणी 16 अक्टूबर के दिन जयपुर में कोविड-19 पॉजिटिव आया। मेरे चाचाजी देवकिशन सोमाणी व अपने प्रिय मित्र जगदीश बिहाणी की कोरोना से मौत के सदमे से उबर ही नहीं पाया था कि स्वयं इस बीमारी की चपेट में आ गया। इन दोनों की मौत परिवार सहित मेरे लिए व्यक्तिगत क्षति थी। मन में डर भी था कहीं मेरा परिवार मुझे…. खैर बीमारी की तरह नकारात्मक विचारों से लड़ना भी था। आज मैं बेहतर हालात में हूं और मैं मेरे प्यारे श्रीडूंगरगढ़ के लिए भी चितिंत हो गया हूं क्योंकि मैनें यहां भारी लापरवाही देखी है। जिसे पता है कि वह पॉजिटिव है वह भी बाजार में घूम रहा है और लापरवाही बरत रहा है। बीकानेर में एक ही परिवार के तीन जवान मौतों ने की जानकारी ने साबित कर दिया कि कोरोना अब खतरनाक महामारी का रूप ले रहा है। आने वाली सर्दी के मौसम में आप अपने परिजनों को ना खो दे इसलिए यह पत्र लिख रहा हूं। मैं स्वीकार करता हूं कि कोविड-19 से जंग के सरकारी प्रयास नाकाफी है और अब जब जांच ही नहीं कि जा रही है तो जनता अपने भरोसे अपनी सुरक्षा को सुनिश्चित करें। हमारे परिवार में कई लोगों ने इसे झेला है मैं आप सब को बताना चाहता हूं कि आप सभी सचेत रहें ये कोविड-19 एक शैतान है जो बुजुर्गों के लिए नहीं युवाओं की इम्यूनिटि को भी कमजोर कर रहा है। श्रीडूंगरगढ़ के हालात मेरी चिंता को बढ़ा रहें है। मेरा गांव इससे सुरक्षित रहें ऐसी प्रार्थना ईश्वर से लगातार कर रहा हूं। आप सभी देख रहें है कि लापरवाही के परिणाम संक्रमण के फैलाव के रूप में सामने आ रहें है। आप सभी से निवेदन है कि इसे मजाक में नहीं लेवें और जैसे ही डाउट लगे होम आइसोलेट हो जाएं और जांच करवाएं। क्योंकि अपने पूरे गांव को या किसी और को संक्रमण देवें ये लापरवाही नुकसानदेह साबित हो सकती है। मैं बताना चाहुंगा कि आप सभी जैसे की लोग कह रहें है नीबू लेवें तो आप वास्तव में खट्टा ना लेवें मौसमी या नीबू का प्रयोग नहीं करें क्योंकि यह गले के लिए खतरनाक है आप एक विटामिन सी की टेबलेट जो डॉक्टर दें रहें है वह पर्याप्त है। उससे अतिरिक्त खट्टा खाने से बचे नहीं तो गला अधिक खराब हो सकता है। अगर डॉक्टर कोई और जांच बता रहें है तो वह भी तुरंत करवाएं और रिपोर्ट उन्हें दिखाएं। पॉजिटिव आने पर दिन में 4 बार भाप लेवें और 4 बार ही गरारे करें जिससे गले मे राहत रहेगी। आप हर वक्त गर्म पानी पीएं और गिलोय का काढ़ा भी लेवें। नियमित लिमिट में हल्दी का दूध व अदरक की चाय का सेवन करें। फलों में सेब, चिकू, या सीताफल ही खाएं खट्टे फलों का सेवन नहीं करें क्योंकि इससे तबियत खराब हो सकती है। मैं चाचाजी व अपने परम मित्र को खो देने के बाद दुखी हूं और यही चाहता हूं कि श्रीडूंगरगढ़ के नागरिक सतर्क रहें, कोरोना को मजाक में ना लेवें मेरी प्रार्थना है आप सभी से की अपने परिवार या गांव के साथ खिलवाड़ नहीं करें और अपने साथ सभी की सुरक्षा की जिम्मेदारी उठाएं।
आपका शुभचिंतक,
कैलाश सोमाणी
पुत्र मोहनलाल सोमाणी
निवासी- कालूबास श्रीडूंगरगढ़