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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 जनवरी 2025। बीकानेर जिला और श्रीडूंगरगढ़ अचंल के युवा नशे की गिरफ्त में फंस रहें है। ऐसे में सामूहिक रूप से समाज में चेतना व नशे के खिलाफ एकजुटता जरूरी है। पूरे बीकानेर में समाज चिंतकों द्वारा नशा मुक्त समाज के लिए पुकार की जाने लगी है। श्रीडूंगरगढ़ अंचल के गांव लिखमीसर दिखनादा में नए साल 2025 के पहले दिन मौजिज लोगों ने नशे के खिलाफ एकजुट होकर आवाज बुलंद की। गांव की गुवाड़ में बुधवार शाम को एक आम बैठक का आयोजन किया गया व गंभीरता से नशा मुक्त समाज की मुहिम पर चर्चा की गई। बुजुर्ग ग्रामीणों ने नशे के प्रकोप से बढ़ रहें अपराधों पर चिंता जताई व युवा पीढ़ी को नशे में डूबने से बचाने के लिए विचार विमर्श किया गया। यहां नशा कैसे छुड़वाए इस पर मंथन हुआ। ग्रामीणों ने सार्वजनिक रूप से शराब पीने पर जुर्माना लगाने, नशे के लिए किसी को रूपए पैसे नहीं देने, विवाह समारोह में शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और विधिसम्मत कार्रवाई किए जाने का निर्णय सामूहिक रूप से लिया। अनेक ग्रामीणों ने अपने अपने घर के सदस्यों को नशा नहीं करने देने व विवाह समारोह में शराब पीकर आने वाले से बातचीत नहीं करने का संकल्प लिया। इस बैठक में नशे के दुष्प्रभावों के बारे में विस्तार से बताया गया और इस विचार विमर्श का जबरदस्त असर हुआ। बैठक में ही शामिल 5 युवाओं ने तुरंत नशा छोड़ने की पेशकश की, ग्रामीणों ने पांचो को केसर का दूध पिलाकर नशा नहीं करना कि शपथ दिलवाई और उनके इस प्रयास में पूरा साथ देने का वादा किया। ग्रामीणों ने पांचों युवकों में कोई शराब तो कोई डोडा पोस्त का आदी है, अब वे नए जीवन की शुरूआत करेंगे। नशा नहीं कर उन रुपयों का सदुपयोग अपने घर परिवार की प्रगति के लिए करेंगे। सभी ने पांचो का स्वागत किया व उनकी सराहना की। बैठक में गांव के धुड़ाराम डेलू, राऊराम डेलू, मोहनसिंह राजपूत, रामा स्वामी, रेवंतराम डेलू, किशन लुहार, दानाराम डेलू, परमेश्वर डेलू, कुंभाराम डेलू, रेवंत स्वामी, मोटाराम डेलू, सत्यवीरसिंह सहित सौ से अधिक मौजिज ग्रामीण शामिल हुए। इस कार्यक्रम का संयोजन लेखराम डेलू ने किया जिनका ग्रामीणों ने आभार जताया।

नशा मुक्त समाज के लिए उठने लगी है आवाज।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में आज नशा विकराल समस्या बन गया है। युवा वर्ग नशे की लत का आदी हो रहा है। गत दिनों बीकानेर शहर की दयनीय स्थिति के कारण अनेक समाज चिंतकों ने बीकानेर प्रशासन से नशे पर लगाम लगाने की मांग करते हुए व्यापक प्रदर्शन किया था। श्रीडूंगरगढ़ में समाज चिंतक डॉ श्यामसुदंर आर्य बढ़ते अपराधों, बढ़ रही घरेलू हिंसा का सीधा कारण नशे को बताते है। वे लगातार नशा मुक्त समाज की चेतना के लिए युवाओं को प्रेरित करते है। उनके निर्देशन में गांव धीरदेसर चोटियान में ग्रामीण चार माह से शराब बंदी के धरने पर बैठे है। आर्य कहते है आज के परिवेश में नशे के दुष्प्रभाव के प्रति जनसामान्य के जागरूक होने की जरूरत है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बैठक में सभी ग्रामीणों ने केसर का दूध पिया व नशा मुक्ति में सहयोगी बनने का संकल्प लिया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लिखमीसर दिखनादा की गुवाड़ में नव वर्ष की नई शाम का स्वागत नशा मुक्त समाज की आवाज बुलंद कर किया गया।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लंबी चली बैठक, खूब हुई हथाई, संकल्प एक नशा मुक्त हो समाज।