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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 दिसंबर 2024। कालू बास के नेहरू पार्क में आयोजित भव्य भागवत कथा में मंगलवार को जनसमूह उमड़ा और श्रद्धालुओं ने भागवत के भक्ति रस का पान किया। कथा वाचक स्वामी शिवेंद्र स्वरूप जी महाराज ने हरिशरणं नाम के संकीर्तन के साथ पूर्व कथा स्मरण करवाते हुए दूसरे दिन के कथा प्रसंग प्रारंभ किए। महाराज ने भागवत कथा रस को अमृत पान के समान बताया। उन्होंने शुकदेव जन्म, परीक्षित की अमर कथा, अश्वथामा वध का वर्णन किया। महाराज ने भक्ति का महत्व बताते हुए कहा कि जो जीव भक्ति करना चाहते है उन्हें अन्य विषयों की आवश्यकता नहीं होती। महाराज ने मनुष्य की पाश्विक वृत्तियों के बारे में विस्तार से बताया और जीवन में धन, रूप या ज्ञान का घमंड नहीं करने की प्रेरणा दी। उन्होंने मन को मजबूत धारणा को एक जगह स्थिर करने की बात कहते हुए कहा कि मन के हारे हार है और मन के जीते जीत है। उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन भजन करने के लिए मिला है, इसे व्यर्थ करे बिना मुक्ति के लिए जीव को भक्ति मार्ग का अनुसरण करना चाहिए। महाराज ने शरीर में पंच तत्वों की उपस्थिति बताते हुए सुगंध पृथ्वी तत्व, जल तत्व से स्वाद, अग्नि तत्व से दृष्टि, आकाश तत्व से श्रवण, वायु तत्व से स्पर्श का ज्ञान होने की बात कही। महाराज ने देवी देवहुति को मुक्ति मार्ग के बारे में बताते हुए कपिल मुनि द्वारा सांख्य योग के बारे में बताया, योग मार्ग के बारे में बताते हुए यम, नियम, आसान, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान, समाधि के बारे में विस्तार से जानकारी दी, उन्होंने भक्ति योग के प्रकार बताए और कहा कि व्यक्ति एक भी प्रकार की भक्ति को पकड़ लेवें तो उसका कल्याण हो जाएगा। कथा के दौरान महाराज ने नशा नहीं करने, मोबाइल का जरूरत के अनुसार उपयोग करने की प्रेरणा दी। कथा आयोजक परिवार रेवंतमल, मुरलीधर, सत्यनारायण, विनित सोनी परिवार के सदस्यों द्वारा विभिन्न व्यवस्थाएं की जा रही है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। डोम के बाहर तक नजर आए श्रद्धालु, किया भागवत में भक्ति रस का पान।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। स्वामी शिवेन्द्र स्वरूप जी महाराज ने मनुष्य की वृत्तियों का उल्लेख करते हुए घमंड नहीं करने की प्रेरणा दी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कथा श्रवण का लाभ लिया।