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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 20 सितंबर 2024। महंगाई की मार से आमजन का बुरा हाल हो रहा है। खाने के मीठे तेलों की कीमतों में आए उछाल से आम घरों के परिवारों का बजट बिगड़ गया है। सितंबर के एक पखवाड़े में तेल की कीमतों में खासी बढ़ोतरी हुई है। जानकारों का कहना है कि कच्चे सोयाबीन, कच्चे पाम तेल और कच्चे सूरजमुखी तेल पर मूल सीमा शुल्क (बीसीडी) शून्य से बढ़ाकर 20% कर दिया गया है। रिफाइंड पाम तेल, रिफाइंड सूरजमुखी तेल और रिफाइंड सोयाबीन तेल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी 12.5% से बढ़ाकर 32.5% कर दी गई है। जिसका सीधा असर हर घर की रसोई पर पड़ रहा है। श्रीडूंगरगढ़ बाजार से तेल का एक टीन लेकर जाने वाला ग्राहक आज बाजार में कई दुकानों पर घूम-घूम कर भावमोल कर रहा है। दुकानदारों ने बताया कि तेलों की रेट बढ़ने से ग्राहकी खासी प्रभावित हुई है और लोग बाजार में एक दुकान से दूसरी दुकान भाव पूछने के लिए भटक रहें है। बता देवें 1 सितंबर से पहले 15 लीटर का टीन पामतेल 1560/- के भाव था आज वही तेल 2070 का हो गया है। कोटन तेल 1680 से 2070 हो गया, सोयाबीन दीपज्योति 1680 से 2050, सोयाबीन फार्चून ऑइल 1740 से 2120, सरसों रामदेव 1800 से 2275 के भाव हो गया है। वहीं डालडा घी 1670 से 2080 रूपए प्रति टीन हो गया है। शुक्रवार को भी तेल के रेटों में उछाल आया है और प्रति टीन 30 रूपए तक की बढ़ोतरी हुई है। तेल की रेटों में उछाल से बाजार में तो हलचल है ही साथ ही हर घर इसकी चर्चा हो रही है। बाजार के एक्सपर्ट बता रहें है कि नवरात्र से त्योहार सीजन प्रारंभ होने से तेल की कीमतों में अभी ओर अधिक तेजी आने की संभावनाएं भी है।