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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 6 सितंबर 2024। गणेश चतुर्थी पर शनिवार को हर घर में गणेश जन्मोत्सव मनाया जाएगा। कस्बे के बिग्गा बास में स्थित गणेश मंदिर में गुब्बारों व फुलों सहित रंग बिरंगी रोशनियों ने सजाया जाएगा। पंडित हेमराज पालीवाल ने बताया कि मंदिर में कल दोपहर 12 बजे पूजन आरती के बाद गणेश कथा का आयोजन होगा। वहीं अन्य गणेश मंदिरों में भी धूमधाम से जन्मोत्सव के आयोजन होंगे।
श्रीगणेश चतुर्थी पर रहें है अनेक शुभ योग, पढें विशेष आलेख पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। शनिवार को विघ्नहर्ता भगवान गणपति का जन्मोत्सव है और हर घर में श्रीगणेश का पूजन करना चाहिए। पंडित रामदेव उपाध्याय ने बताया कि ज्योतिष शास्त्र के अनुसार श्री गणेश चतुर्थी पर्व पर 3 विशेष शुभ योग भी बन रहे हैं। इस अवसर पर कुछ विशेष उपाय किए जा सकते है। जिनके प्रयोग से आप अपने जीवन में अनेक प्रकार के चमत्कारी परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।
१.ब्रह्म योग- उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष श्री गणेश चतुर्थी के दिन ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार प्रातः सूर्योदय के साथ ही ब्रह्म योग भी आरंभ हो रहा है जो रात्रि 23 बजकर 16 मिनट:24 सैकेंड तक रहेगा। ब्रह्म योग को शांतिदायक माना जाता है।इस योग में वाद-विवाद, झगड़े को सुलझाने का प्रयास करने पर सफलता मिलने के प्रबल आसार रहते हैं।
2.वृश्चिक लग्न- आचार्य राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष श्री गणेश चतुर्थी के दिन वृश्चिक लग्न (प्रातः 11:39 से मध्याह्न 1:55 बजे तक) गणपति स्थापना के लिए श्रेष्ठ समय रहेगा।
3.रवियोग- राजगुरु पंडित देवीलाल उपाध्याय के अनुसार श्री गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर रवियोग नामक विशेष शुभ योग का भी निर्माण हो रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार रवियोग विविध प्रकार से दोषसंघविनाशक एवं कुयोगनाशक माना जाता है। अर्थात् रवि योग में कोई भी शुभ कार्य किया जाए तो समस्त दोषों एवं कुयोगों का नाश हो जाता है।
4.सर्वार्थसिद्धियोग- आचार्य राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ने बताया कि इस वर्ष ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार श्री गणेश चतुर्थी पर्व पर सर्वार्थ सिद्धि योग का भी निर्माण हो रहा है यह योग शनिवार को दोपहर 12:34 बजे से संपूर्ण रात्रि तक रहेगा। शास्त्रों के अनुसार सर्वार्थ सिद्धि योग में किए गए धर्म कर्म अनुष्ठान आदि निश्चित ही सिद्ध होते हैं।

क्या करें?
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पंडित रामदेव उपाध्याय ने बताया कि श्री गणेश चतुर्थी पर्व पर गणपति पूजन के दौरान श्री गणेश पंचरत्न स्तोत्र का पाठ करने से भक्तों के न केवल शारीरिक कष्ट दूर होते हैं बल्कि भक्तों के जीवन में सुख- शांति के साथ ही आध्यात्मिक एवं भौतिक समृद्धि की भी वृद्धि होती है। उपाध्याय केअनुसार यदि आप वर्तमान समय में किसी विशेष संकट का सामना कर रहे हैं तो श्रीगणेशचतुर्थी पर श्रीसंकष्टनाशनगणेशस्तोत्रम् का पाठ अवश्य करें या किसी विद्वान द्वारा अवश्य करवाएं।
क्या न करें?
आचार्य राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ने बताया कि श्री गणेश चतुर्थी पर भक्तों को भूलकर भी चंद्रमा का दर्शन नहीं करना चाहिए क्योंकि इस दिन चंद्र दर्शन करने से मिथ्या दोष होता है अर्थात् कुछ चुराने का झूठा आरोप लग सकता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान श्री कृष्ण पर भी स्यामंतक मणि चुराने का झूठा आरोप लगा था। भगवान श्री कृष्ण की स्थिति जानने के बाद ऋषि नारद जी ने भगवान श्री कृष्ण को बताया कि भाद्रपद की शुक्ल पक्ष के चतुर्थी को चंद्र दर्शन के कारण उन्हें मिथ्या दोष का श्राप लगा है। जो कोई भी इस दोष से शापित होगा वह समाज में कलंकित और बदनाम होगा। नारद जी ने भगवान श्री कृष्ण को मिथ्या दोष को दूर करने के लिए श्री गणेश चतुर्थी व्रत का पालन करने का सुझाव दिया था।

राजगुरु पंडित देवीलाल रामदेव उपाध्याय (श्रीगणेश ज्योतिष कार्यालय)
9829660721