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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 सितंबर 2024। शिक्षक समाज में बदलाव, शिक्षा, संस्कारों एवं संस्कृति का संवाहक है। शिक्षक सम्मानजनक लोगों की पंक्ति में सर्वाधिक अग्रिम स्थान रखता है। शिक्षक सीख देने की प्रक्रिया का बहु आयामी ध्रुव है। वह समाज की प्रमुख धुरी है। ये विचार मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश प्रजापत ने राउमावि में आयोजित ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह में व्यक्त किए। सरस्वती पूजन तथा राज्य पुरस्कृत शिक्षक डॉ राधाकिशन सोनी द्वारा शिक्षक पुरस्कार के परिचय से शुरू कार्यक्रम में शिक्षाविद् ताराचंद इंदौरिया ने कहा कि मनुष्य को अपने जीवन का आदर्श नैतिक मूल्यों पर रखना चाहिए। विधायक प्रतिनिधि एसडीएमसी सदस्य एवं पूर्व प्राचार्य लीलाधर सारस्वत ने भविष्य की संभावित चुनौतियों का सामना कर विद्यार्थियों को दूरगामी सोच रखने की आवश्यकता है। आज के भयावह समय में स्वर्णिम भारत के सपने को साकार करने का दायित्व युवा पीढ़ी पर है। उन्होंने विद्यालय विकास में योगदान के लिए शहर के भामाशाहों से योगदान करने का आह्वान किया।
समारोह में शिक्षा के प्राथमिक वर्ग से सिखवाल राउमावि, श्रीडूंगरगढ़ के रामकरण डोटासरा, उप्रा वर्ग से राउप्रावि, धोलिया के भंवरलाल शर्मा एवं माध्यमिक वर्ग से राउमावि, बिंझासर के हेतदास स्वामी का माल्यार्पण उपरान्त साफा, शॉल, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक एवं नकद पुरस्कार राशि प्रदान कर सम्मान किया गया। शाला के पूर्व शिक्षक इंदौरिया एवं सारस्वत का शाला परिवार की ओर से साफा पहनाकर सम्मान किया गया। विद्यालय के प्राचार्य डॉ. मनीष कुमार सैनी ने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था पर प्रकाश डालते हुए सभी का आभार प्रकट किया। शाला के पूर्व शिक्षक भीमसेन मित्तल की स्मृति में कस्बे के राजकीय विद्यालयों के शिक्षकों एवं प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ईश्वरराम गरुवा, प्राचार्य उमाशंकर सारण, उप प्राचार्य पवनकुमार शर्मा, व्याख्याता महेंद्र कुमार दाधीच, सरला देवी भीमसेन मित्तल एजुकेशन एंड वेलफेयर फाउंडेशन के प्रतिनिधि अनुराग आदि की उपस्थिति में आयोजित समारोह का संचालन व्याख्याता मदनलाल कड़वासरा ने किया।