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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 सितम्बर 2020। गांव की सार्वजनिक भूमि एवं पंचायत भूमि पर होने वाले अतिक्रमणों को रोकने का जिम्मा ग्राम पंचायत का होता है लेकिन क्षेत्र के सरंपचों के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही महंगी पड़ रही है। सरपंचों के गत कार्यकाल में ग्राम पंचायत तोलियासर सरपंच को अपने पूरे कार्यकाल के दौरान अतिक्रमियों के निशाने पर रहना पड़ा एवं नए कार्यकाल की शुरूआत में ही ऐसा और देखने को मिल रहा है। क्षेत्र की ग्राम पंचायत रिड़ी ने गत 27 अगस्त को पंचायत की खातेदारी भूमि पर एक अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की थी एवं आज 19 सितम्बर को अतिक्रमी ने सरपंच पति सहित तीन लोगों के खिलाफ जबरन बाड़े में घुसने, झोंपडी में आग लगाने, तार पटि्टयां तोड़ने, निर्माण हेतु रखे गए पत्थर व पटि्टयां चुराने आदि आपराधिक आरोप लगाते हुए श्रीडूंगरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। श्रीडूंगरगढ़ थानाधिकारी वेदपाल शिवराण ने बताया कि गांव रिड़ी निवासी नानूराम जाखड़ और उसके पिता टोडरमल ने गांव के हेतराम जाखड़, तुलसीराम जाखड़ व भैराराम के खिलाफ जरीए इस्तगासा दो अलग अलग मामले दर्ज करवाएं है। जिसमें उन्होने आरोप लगाया है कि उनके भूखंड का पट्टा 1990 में पंचायत द्वारा बनाया हुआ है लेकिन गत 27 अगस्त को आरोपी ट्रेक्टर लेकर जबरन भूखंड में घुसे एवं तारबंदी व बाड़ तोड़ते हुए पटि्टयां एवं पत्थर चुरा लिए। आरोपियों ने भूखंड पर बनी झोंपडी एवं उसमें पड़ा सारा घरेलू सामान भी साथ ही जला दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रशासन ने हटाया था अतिक्रमण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। ग्राम पंचायत रिड़ी की सरपंच गुड्डी देवी के पति हेतराम जाखड़ ने बताया कि पंचायत की खातेदारी भूमि पर अतिक्रमण करने का प्रयास किया गया था एवं नई नई तारबंदी की गई थी। ऐसे में पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी एवं प्रशासन के पटवारी ने नाप पर अतिक्रमी को अपना अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। अतिक्रमण नहीं हटाने की स्थिति में पुलिस जाप्ते की उपस्तिथि में प्रशासन ने पंचायत भूमि का अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही की है। पत्थर एवं पट्टियां भी पंचायत में जब्त है जो राजकीय रिकार्ड में शामिल हो रखी है। ऐसे में अतिक्रमी द्वारा केवल परेशान करने के लिए झूठे आरोप लगा कर मुकदमा दर्ज करवाया गया है।