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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 19 जून 2024। दुधारू गाय को लू तापघात से बचाने के लिए बड़ा कूलर लगाया परंतु फिर भी गाय ने सोमवार को दम तोड़ दिया। दु:खी स्वर में ये कहना है कालूबास स्थित एक पशुपालक का। इस तरह के कुछ अन्य मामले भी अनेक गांवो से सामने आए है। हालांकि विभाग द्वारा लू तापघात से मृत्युदर के आंकडे़ अभी तक नहीं लिए गए है परंतु इसकी चपेट से पशुधन गवां रहें किसान व ग्रामीण इससे आर्थिक नुकसान भी झेल रहें है। बता देवें इन दिनों भीषण गर्मी से आमजन का हाल ही बेहाल नहीं है वरन पशुधन के हाल भी बेहाल है। पशुपालक अपने दुधारू पशुओं की जान बचाने के लिए अनेक प्रयास कर रहें है। वे अनेक घरेलू उपाय जैसे जौ का आटा, दलिया, कैरी व इमली पशु को दे रहें है। बता देवें पशुपालकों को ध्यान देना है लू तापघात की चपेट में आने वाले पशुओं को ये घरेलू नुस्खे नहीं अपनाकर तुरंत पशु चिकित्सक की सलाह लेने की बात विशेषज्ञ कह रहें है।

प्रतिदिन दो गांव में शिविर, कर रहें है समझाईश। 

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। लू तापघात की चपेट में आए पशुओं के लिए पशुपालन विभाग द्वारा मोबाइल यूनिट मोमासर, कालूबास व बाडेला के कार्मिकों द्वारा प्रत्येक दिन दो गांव में शिविर लगाकर उपचार किया जा रहा है। विभाग के ब्लॉक प्रभारी डॉ. उत्तमसिंह भाटी ने टाइम्स को बताया कि हीट वेब की चपेट में आने वाले पशुओं की संख्या बढ़ी है परंतु विभाग के कार्मिक लगातार ग्रामीणों व किसानों को लू तापघात से बचाव के लिए समझाईश भी कर रहें है और उन्हें उपाय भी बता रहें है। भाटी ने बताया कि विभागीय कार्मिकों के अवकाश पर रोक पूर्व से ही है। उन्होंने पशुपालकों को पशुओं को चीनी व नमक के मिश्रण का सेवन करवाने के निर्देश दिए है। भाटी ने बताया कि पशुपालक अपने पशुओं को घर से बाहर नहीं निकाले व उन्हें दिन में एकबार पानी से जरूर नहलाएं। दिन के समय उनके रहने के स्थान पर तापमान घटाने के लिए टाट पट्टी लगाकर उसपर पानी डालकर ठंडक करें। अगर कोई पशु लू तापघात की चपेट में आ गया है तो उसके शेड में कूलर भी लगा सकते है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पशुओं में लू लगने के मामले बढ़े, विभाग जुटा प्रयासों में।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। पशु रोग विशेषज्ञों द्वारा इलाज करने के साथ पशुपालकों से समझाईश की जा रही है।