Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
WhatsApp Image 2024-06-08 at 21.09.04
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 8 जून 2024। अनुशासित युवा ही देश का उज्ज्वल भविष्य है। इसी संदेश के साथ शारीरिक व मानसिक क्षमताओं का प्रदर्शन करते हुए आदर्श विद्या मंदिर के मैदान में राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ के संघ शिक्षा वर्ग का समापन समारोह शनिवार शाम उत्साह के साथ आयोजित हुआ। सैंकड़ो प्रशिक्षार्थियों ने राष्ट्र प्रथम और समाज सेवा का संकल्प लेते हुए 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में भाग लिया। संघ शिक्षा वर्ग में जोधपुर प्रांत के तरुण, व्यवसायी तथा महाविद्यालय विद्यार्थियो ने भाग लिया। समापन समारोह में मुख्य अतिथि समाजसेवी विजय सिंह, सर्वाधिकारी बलवीर सिंह ढाका, मुख्य वक्ता डॉ रमेश चंद्र अग्रवाल संघ चालक राजस्थान क्षेत्र, टेकचंद बरडिया बीकानेर विभाग संघचालक उपस्थित रहें। मुख्य वक्ता डॉ रमेशचंद्र अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संघ कार्य एक पवित्र राष्ट्र कार्य है। जिसकी शुरुआत 1925 में विजयदशमी के दिन नागपुर से की गई। संघ का उद्देश्य हिंदू समाज का संगठन करना है। संघ शाखा के माध्यम से चरित्रवान व्यक्ति का निर्माण करता है। संघ की शाखा के माध्यम से निर्मित व्यक्ति समाज परिवर्तन का कार्य करता है। संघ के स्वयंसेवक समाज पर आई आपदाओं में समाज के साथ खड़ा रहता है। भारत पर हुए अनेकों आक्रमणों के कालखंड में समाज में कई कुरीतियों आई है। जिसे ठीक किए जाने की आवश्यकता है। संघ के स्वयंसेवकों ने अनेक अवसरों पर समाज जागरण का कार्य किया। देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी अनेकों स्वयंसेवकों ने भाग लिया। संगठित हिंदू समाज अपने स्व जागरण के कारण आज शिक्षा, विज्ञान, रक्षा उत्पादन, अंतरिक्ष आदि अनेक क्षेत्रों में देश को आगे बढ़ा रहा है। कुछ कार्य हिन्दू समाज को भी करना है। हिन्दू व्यवहार, हिन्दू विचार के पालन का भाव व्यक्तिगत जीवन में दिखाना चाहिए। स्वयंसेवक के मन में राष्ट्र प्रथम का भाव और व्यवहार रहता है‌ तथा नागरिक कर्तव्यों का पालन भी स्वयंसेवक अपने जीवन में करते हैं। हमें अपने जीवन में स्वदेशी भाव, भारतीय जीवन पद्धति और पर्यावरण संरक्षण के बिंदुओं पर कार्य करना चाहिए। विशेषकर जल संरक्षण, फलदार पौधों का रोपण और प्लास्टिक मुक्त जीवन का आग्रह किया। मुख्य अतिथि विजय सिंह ने कहा कि अनुशासित और संगठित समाज ही किसी राष्ट्र के विकास की गारंटी है। और अनुशासनहीन समाज नष्ट हो जाते हैं। समाज लोगों को अपने बच्चों में अनुशासित और संस्कारित जीवन पर ध्यान देना होगा। वर्ग कार्यवाह शंभू सिंह ने वर्ग प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। वर्ग में 21 जिलों के 395 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिसमें महाविद्यालय विद्यार्थी, व्यावसायी, कर्मचारी, किसान, मजदूर आदि शामिल थे। विभाग संघ संचालक टेकचंद बरडिया ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर क्षेत्र संपर्क प्रमुख श्याम मनोहर, प्रांत प्रचारक विजयानंद, स्थानीय विधायक ताराचंद सारस्वत आदि अनेक गणमान्य नागरिक और मातृशक्ति उपस्थित रहे।