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October 17, 2026
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बच्चों को दी वित्तीय जानकारियां, साइबर फ्रॉड से किया सावधान।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। भारतीय रिजर्व बैंक की गाइडलाइन के अनुसार आज गांव उदरासर के वैद्य मघाराम राउमावि में बड़ौदा राजस्थान क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखा, उदरासर द्वारा वित्तीय चौपाल का आयोजन किया गया। चौपाल की थीम आरबीआई द्वारा दी गई “करो सही शुरुआत, बनो वित्तीय सम्राट” रखी गई। शाखा प्रबंधक अमित गहलोत ने विद्यालय के बच्चों को वित्तीय प्रबंधन के बारे में जानकारी देते हुए अनेक योजनाओं के बारे में भी बताया। गहलोत ने साइबर फ्रॉड से सावधान रहने की सलाह देते हुए बताया कि बैंक अधिकारी कभी किसी कस्टमर से वन टाइम पासवर्ड नहीं मांगा जाता है। उन्होंने कहा कि आप अपनी ओटीपी किसी से साझा नहीं करें और कोई भी कार्य चाहे वित्तीय प्रबंधन हो या बैंक सम्बंधित हो तो शाखा में जाकर जरूर बतावें। उन्होंने डिजिटल साइबर स्वच्छता की ओर ध्यान आकर्षित किया। इस दौरान विद्यालय के शिक्षक अनिल कुमार, मोहरसिंह, रामकुमार, दुलदास सहित पूरा स्टाफ मौजूद रहा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। उदरासर के वैद्य मघाराम राउमावि में बैंक अधिकारी ने दी वित्तीय जानकारियां।

नाम स्मरण ही कल्याण का मार्ग है-शिवेन्द्र, आड़सर में भागवत का आयोजन।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव आड़सर में आयोजित भागवत कथा में कथा वाचक शिवेन्द्र महाराज ने दुख में ही नहीं सुख में भी सदैव भगवान को याद करने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि माता कुंती ने भगवान से विपदाएं मांगी क्योंकि विपदा में गोविंद आते है। कुंती ने कहा कि जब भी विपदा आई एक कृष्ण के सिवा कोई रक्षक साथ नजर नहीं आया। महाराज ने गुरू बनाने की नहीं गुरू के प्रति श्रद्धा ग्रहण करने की बात कही। महाराज ने राजा परिक्षीत की कथा सुनाते हुए भगवत स्मरण को कल्याण का मार्ग बताया। कथा में श्रद्धालुओं ने खूब जयकारे लगाए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा में शामिल हुए। आयोजक सोनी परिवार ने कथा की व्यवस्थाएं संभाली।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव आड़सर में शिवेन्द्र महाराज ने दूसरे दिन सुनाए भागवत के अनेक प्रेरक प्रसंग।

सकरात्मक दृष्टिकोण से ही जीवन में होती आनंद की प्राप्ति-डॉ शास्त्री, सांवतसर में जाम्भाणी का आयोजन।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दुःख में सुख, हानि में लाभ, प्रतिकूलताओं में भी अवसर खोज लेने को सकारात्मक दृष्टिकोण कहा जाता है। जीवन का ऐसा कोई बड़े से बड़ा दुःख नहीं जिससे सुख की परछाईयों को ना देखा जा सके। जिन्दगी की ऐसी कोई बाधा नहीं जिससे कुछ प्रेरणा ना ली जा सके। यह बातें सावंतसर गांव के गुरू जम्भेश्वर मंदिर में चल रही विराट जाम्भाणी हरि कथा के पांचवें दिन शुक्रवार को कथावाचक डॉ. गोवर्धनराम शिक्षा शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि रास्ते में पड़े हुए पत्थर को मार्ग की बाधा भी मान सकते हैं और चाहें तो उस पत्थर को सीढ़ी बनाकर ऊपर भी चढ़ सकते है। जीवन का आनन्द वही लोग उठा पाते हैं जिनका सोचने का ढंग सकारात्मक होता है। उन्होंने कहा कि इस दुनिया में बहुत लोग इसलिए दुखी नहीं कि उन्हें किसी चीज की कमीं है अपितु इसलिए दुखी हैं कि उनके सोचने का ढंग नकारात्मक है। इसलिए सकारात्मक सोचो, सकारात्मक देखो। इससे आपको अभाव में भी जीने का आनन्द आ जायेगा। ख़ुशी इस बात पर निर्भर नहीं करती कि कितनी सम्पत्ति है अपितु इस बात पर निर्भर करती है कि आपके पास कितनी समझ है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव सांवतसर में जाम्भाणी सुनने पहुंच रहे बड़ी संख्या में श्रद्धालु।

राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य हुए सेवानिवृत्त, विद्यार्थियों को दी प्रेरणा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। राजकीय महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ विजय कुमार ऐरी आज सेवानिवृत्त हुए। महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने समारोह पूर्वक विदाई दी। डॉ ऐरी ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जीवन में सदैव कड़ी मेहनत के लिए तैयार रहने और जीवन में सदैव मानवीय गुणों को प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी। इस दौरान बीकानेर संभाग के कॉलेज शिक्षा के सहायक निदेशक डॉ पुष्पेन्द्र शर्मा, डूंगर कॉलेज बीकानेर के प्रोफेसर डॉ नरेन्द्रनाथ, इतिहास विभागाध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर कच्छावा तथा महाविद्यालय के महावीर नाथ, अमित तंवर, भुवनेश स्वामी, मोहित शर्मा, निशा सोड़ा, पन्नालाल सांखला, दलीप सिंह, सेरड़िया, विशाल कुमार राय शामिल रहें। मंच संचालन भुवनेश स्वामी ने किया व डॉ ऐरी ने महावीर नाथ को कार्यभार सौंपा।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। महाविद्यालय में समारोह पूर्वक दी प्राचार्य डॉ ऐरी को विदाई।