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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 14 अगस्त 2020। जैन धर्म का महापर्व कहा जाने वाला नो दिवसीय पर्युषण पर्व शनिवार 15 अगस्त से प्रारंभ हो कर 23 अगस्त तक मनाया जाएगा। श्रीडूंगरगढ़ उपखंड क्षेत्र में जैन मतावलंबियों में संयम और क्षमा के इस उत्सव को लेकर खासा उत्साह है। हालांकि कोरोना के कारण सामूहिक रूप से सेवाकेंद्र में आयोजन नहीं हो सकेंगे पर घर पर ही नो दिनों तक ह्रदय व आत्मा की शुद्धि का पर्व मनाया जाएगा। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स को जानकारी देते हुए आचार्य महाश्रमण के साथ अपनी सेवाएं दे चुके समाज के युवा राजू हीरावत ने बताया कि पर्युषण नो दिवसीय कार्यक्रम है जो एक निश्चित क्रम में मनाया जाता है तथा ये क्रम वैज्ञानिक और आध्यात्मिक है। इसमें प्रथम दिन खाद्य संयम दिवस, दूसरे दिन स्वाध्याय दिवस, तीसरे दिन सामायिक दिवस, चौथे दिन वाणी संयम दिवस, पांचवे दिन अणुव्रत चेतना दिवस, छठे दिन जप दिवस, सातवें दिन ध्यान दिवस, आठवें दिन संवत्सरी महापर्व मनाया जाता है। संवत्सरी को प्रत्येक जैनी उपवास रखता है जिसमें चौविहार और तिविहार उपवास की व्यवस्था रहती है। इसके साथ ही पौषध आदि आध्यात्मिक उपक्रम भी चलते है। हीरावत ने बताया कि नौवें दिन क्षमापना दिवस के अंतर्गत प्रत्येक प्राणीमात्र से जाने अनजाने में मन, वचन और कर्म के द्वारा हुई किसी भी प्रकार की अविनय, अशातना के लिए खमतखामना की जाती है। यह पर्व वैचारिक, मानसिक, आत्मिक कलुष को धोने, संयमित जीवन शैली को जीने, समाज में परस्पर सौहार्द और विनम्रता से रहने का संदेश देने वाला पर्व है जो अपने स्वरूप के कारण महापर्व के रूप में मनाया जाता है। श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स भी जैन समाज सहित सभी श्रीडूंगरगढ़ वासियों को सौहार्द के इस पर्व की अनंत शुभकामनाएं।