Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 17, 2026
10-oct
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 जनवरी 2024। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में सकारात्मक राजनीति के पूरोधा के रूप में पहचान बनाने वाले पूर्व प्रधान दानाराम भामूं का आक्समिक निधन शुक्रवार सुबह गांव मोमासर में हो गया है। आज सुबह अचानक उन्हें साइलेंट हार्टअटैक आया और 73 वर्ष की आयु में उनका देहांत हो गया। अपनी दिनचर्या की तरह आज सुबह वे 4 बजे उठे और स्नानादि से निवृत होकर रोजाना की तरह महापुरूषों की पुस्तक पढ़ने बैठ गए। जब सुबह नाश्ते के समय पर उनकी पुत्रवधु उन्हें नाश्ता देने गई तो गेट खोलने पर कोई आवाज नहीं आई। उन्होंने देखा कि भामूं शांत निर्विकार भाव से लेटे है और जब डॉक्टर के यहां परिजन लेकर गए तो जानकारी मिली कि साइलेंट अटैक ने उन्हें चीर निद्रा में लीन कर दिया है। भामूं के निधन के बाद क्षेत्र में शोक की लहर है एवं बड़ी संख्या में लोग उनके पैतृक गांव मोमासर पहुंच रहे है।आजकल एक ओर जहां नेता बुजुर्ग होने के बाद भी पद नहीं छोड़ना चाहते ऐसे समय में श्रीडूंगरगढ़ की राजनीति में अपने चमकते दौर में अचानक राजनीति से संन्यास लेने वाले पूर्व प्रधान दानाराम भांमू क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणीय रहे है। भामूं वर्ष 2000 से 2005 तक श्रीडूंगरगढ़ के प्रधान रहे चुके थे एवं क्षेत्र की प्रमुख साहित्यिक, शैक्षणिक सामाजिक संस्थाओं में नींव के पत्थर की भूमिका निभा रहे थे। भामूं द्वारा लगातार किसानों एवं जनहित में राजनीति सेवा भावों के साथ करने की प्रेरणा प्रतिदिन युवाओं को दी जा रही थी। पार्टी भेद से ऊपर उठकर सभी पार्टियों के नेताओं में सामन रूप से सम्मान प्राप्त करने वाले भामूं अपने पीछे 5 बेटियां और 2 बेटों का भरा पूरा परिवार छोड़ कर गए है।