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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 अक्टूबर 2023। विधानसभा चुनाव-2023 के मतदान के लिए आज से पूरे 30 दिन शेष है। ऐसे में श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स द्वारा प्रतिदिन की विशेष कवरेज “सत्ता का संग्राम” टाइम्स के सभी पाठकों के लिए चुनाव की काऊंडाउन के साथ प्रस्तुत की जाएगी। प्रतिदिन शाम को एक विशेष खबर के साथ क्षेत्र की चुनावी चर्चा पाठकों के समक्ष रखी जाएगी। इसी क्रम में पढ़ें आज की टिप्पणी।

चौपालों पर चर्चा, ओज्यूँ चुनाव मंडयो ही कोनी।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 25 अक्टूबर 2023। श्रीडूंगरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के गांवो की चौपालों पर चुनावी चर्चा प्रारंभ हो गई है और चर्चा में मुख्य रूप से चुनाव ओज्यूँ मंड्यो ही कोनी की चर्चा सुनाई पड़ रही है। कांग्रेस की दो सूचियों में श्रीडूंगरगढ़ का नाम नहीं आने से क्षेत्र में कांग्रेस का आम कार्यकर्ता जहां निराश है वहीं टिकिट के दावेदार नेता अब जयपुर से दिल्ली मैदान में डटे है। वहीं भाजपाई भी माहौल नहीं बनने की बात कहते हुए कांग्रेस की टिकिट के बिना चुनाव नहीं मंडने की बात कहते नजर आ रहें है। भाजपा का चुनावी प्रचार स्पीड नहीं पकड़ रहा। तीसरी ओर माकपा सधे कदमों से अपनी रणनीति बनाने में जुटी है। माकपा कार्यकर्ता ऊपर की राजनीति की खबर से कोई लेना देना नहीं होने की बात कहते हुए अपने प्रत्याशी के पक्ष में तैयारी करने में जुटे है। नई चर्चा में आरएलपी में दावेदार डॉ. विवेक माचरा व दानाराम घिंटाला को देखा जा रहा था वहीं अब एक नया नाम बॉडी बिल्डर प्रिया सिंह का भी सुनने में आ रहा है। आरएलपी सुप्रिमो ने शीघ्र टिकिट देने की घोषणा भी श्रीडूंगरगढ़ में की थी। जिसे लेकर भी चर्चा है कि यहां आरएलपी से कौन उतरेगा सत्ता के संग्राम में। यहां भाजपा एवं कांग्रेस के बागियों का अनुमान भी लगाया जा रहा है एवं बागी भी कांग्रेस की टिकट के बाद ही अपनी रणनीति जनता के सामने रखेंगे। भाजपा के टिकट से नाराज पूर्व प्रधान एवं पूर्व विधायक का गुट हो या चाहे किसान संगठन से जुड़े किसान नेता का गुट हो। सभी कांग्रेस की टिकट के बाद ही आगे की योजना बना सकेगें। यहां यह भी सुनने में आ रहा है कि कांग्रेस की टिकट मन-मुताबिक नहीं मिलने पर बड़े नेता भी आरएलपी खेमे में जा सकते है। गत दिनों आलएलपी सुप्रिमो से मुलाकात की भी चर्चाएं सुनी गई थी। खैर अभी का चुनावी सीन तो यही है कि यहां तो चुनाव कांग्रेस की टिकिट के बाद ही “मंडेगें”।