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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 12 जुलाई 2020। राज्य सरकार द्वारा मृत्युभोज पर कठोरता से रोक लगाने के निर्देशों के बाद स्थानीय प्रशासन भी मृत्यु भोज नहीं करने की पालना में मुस्तेदी से जुट गया है। शनिवार रात्रि को भी उपखण्ड स्तरीय प्रशासन गांव जेतासर में मृत्युभोज की सूचना पर दौड़ा और गांव में देदाराम खिलेरी के घर पर दबिश दी। उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार न्योल ने बताया कि गांव जेतासर में देदाराम पुत्र नानकराम खिलेरी की मां सुगनादेवी का स्वर्गवास दिनांक 30 जून हो गया था एवं उनकी बाहरवीं पर 11 जुलाई को
परिजनों द्वारा मृत्युभोज का निर्णय किया गया। लेकिन प्रशासन से सचेत होते हुए दो दिन पूर्व ही पटवारी के माध्यम से मृत्युभोज नहीं करने के लिए परिजनों को पाबंद कर दिया गया था। प्रशासन की पाबंदी लगाने के बाद गांव के ब्रह्माणों ने तो मृत्युभोज में शामिल होने से मना कर दिया था। पर देदाराम ने सामाजिक कुरीति निभाने के नाम पर गांव में रहने वाले खिलेरी वंश के करीब 40 परिवारों व रिश्तेदारों का भोज शनिवार रात को करवाने का प्रयास किया। शनिवार दिन में होने वाले मृत्युभोज को शनिवार रात्रि को करने का प्रयास किया गया। सूचना मिलने पर प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची तो गांव में मुखबिरी होने से आयोजकों ने भोज के सामान को खुर्द बुर्द कर दिया। प्रशासन के हाथ भोज का सामान नहीं लगा लेकिन मौके पर बिखरी प्लास्टिक कि ग्लासें, दोने आदि वहां पर भोज हो जाने की गवाही दे रहे थे। प्रशासन के हाथ सामान नहीं आने के कारण प्रशासन कठोर कार्यवाही तो नहीं कर पाया लेकिन मौके से देदाराम खिलेरी व उसके एक सहयोगी को श्रीडूंगरगढ़ लेकर आया गया। प्रशासन ने कठोरता के साथ गांव में किसी भी प्रकार का मृत्युभोज नहीं करने के लिए पांबद किया गया।

ये रहे कार्यवाही में शामिल।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव जेतासर में मृत्युभोज की सूचना पर शनिवार रात्रि करीब 10.30 बजे की गई कार्यवाही में उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार न्योल, तहसीलदार मनीराम खिचड़, पटवारी सुनिता चौधरी, एएसआई पप्पुसिंह मीणा व पुलिस बल शामिल रहे। उपखण्ड अधिकारी राकेश कुमार न्यौल एवं थानाधिकारी सत्यनारायण गोदारा ने बताया कि क्षेत्र में कोई मृत्युभोज का आयोजन नहीं करने दिया जाएगा व आम जन से भी यही अपील है कि इस सामाजिक कुरीति को बंद करने में प्रशासन का सहयोग दे। प्रशासन ने पूरे क्षेत्र में कहीं भी मृत्युभोज होने पर अपने सरपंच, पटवारी, बीट कांस्टेबल व पुलिस थाने, उपखण्ड कार्यालय आदि में कहीं पर भी सूचना देने की अपील की है।