Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
0b86eb24-505c-47cb-b4ff-c03c43d67f94
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 11 जुलाई 2020। हमारे क्षेत्र में पानी की कीमत हमारे पूर्वजों से लेकर आज युवा पीढ़ी ने भी पहचानी है। पानी की प्यास यहां हर एक पहचानता है जंहा दूर दूर तक पीने के पानी की उपलब्धता आसानी से नहीं है। गांव उदरासर के खेल मैदान में गांव के युवा, बालक, बड़े बूढ़े, घूमने, खेलने योग करने आते है। पर यहां कोई पीने के पानी की सुविधा नहीं थी। आस पास के घर भी दूर और रोजाना वहां से पानी ला कर खेल पूरा हो पाता था। रात्रिकालीन वॉलीवाल मैच नहीं हो पाते क्योंकि रात को पास के घरों से पानी नहीं ला पाते थे। ऐसे में गांव के ही एक युवा 22 वर्षीय मनोज कुमार गोदारा पुत्र कानाराम गोदारा ने इस समस्या के समाधान पर ध्यान दिया। और अकेले ही यहां जलहोद का निर्माण कर दिया। गोदारा गांव में सामाजिक कार्यों में सक्रिय रहते है। मनोज ने बताया कि खेल या तो बीच मे रह जाता है या खिलाड़ी बार बार पानी लाने भाग भाग कर जाते है। अब पीने का पानी यहां होने से खेल का रंग भी जमेगा। गांव के बुजुर्ग भी उनके प्रयास की सराहना करते है और युवा साथी तो बहुत प्रसन्न हुए। गोदारा के एक सकारात्मक प्रयास से खेल मैदान में पानी उपलब्ध हो गया और अन्य युवाओं को गांव के लिए कुछ निस्वार्थ योगदान करने की प्रेरणा भी मिली है।

एक नजरिया ये भी क्षेत्र की दशा और दिशा बदल सकता है।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मनोज ने इस समस्या के समाधान पर ध्यान दिया और समाधान हो भी गया। आज के युवा केवल मांग करने, ज्ञापन देने तक ही सीमित ना होकर अगर ऐसे ही समाधान का प्रयास करें तो हमारे क्षेत्र की दशा और दिशा ही बदल सकती है। इस नजरिए से आस पास की सैंकड़ो समस्याएं सुलझ सकती है और समाज में अच्छी पहल के साथ सकारात्मक कार्य हो सकते है। मनोज ने इस कार्य से मात्र 22 वर्ष की आयु में एक प्रेरणा प्रस्तुत की है।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मनोज गोदारा द्वारा निर्मित इस जलहोद को पास ही के स्वास्थ्य केंद्र से भर दिया जाता है।