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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 15 सितम्बर 2023। राज्य में गौपालन विभाग मंत्रालय तो सरकारों ने बना दिया और गौवंश संरक्षण, संर्वधन का क्रेडिट ले लिया। लेकिन इस विभाग के पास स्वंय के संसाधन नहीं होने के कारण गौशाला संचालन एवं गौवंश संरक्षण का कार्य और अधिक जटील हो गया है। वर्तमान में भी गौपालन विभाग के पास स्वंय के पशु चिकित्सक नहीं होने एवं पशुपालन विभाग के पशु चिकित्सकों द्वारा गौपालन विभाग के आदेशों के बहिष्कार के कारण गौशालाओं के माध्यम से मिलने वाला गौमाता का हक नहीं मिल रहा है। इस संबध में शुक्रवार को गौसेवा संघ आंदोलनरत हुआ है एवं पूरे प्रदेश में सभी उपखण्ड मुख्यालयों पर मुख्यमंत्री, गौपालन विभाग मंत्री एवं पशुपालन विभाग मंत्री को उपखण्ड अधिकारी के माध्यम से ज्ञापन भेजे है। ज्ञापन में गौपालन विभाग के निर्देशन में राज्य में संचालीत 3636 गौशालाओं में सेवाप्राप्त कर रहे 11.75 लाख गौवंश के संरक्षण, संर्वधन से जुड़े समस्त कार्यों का जिम्मा पशुपालन विभाग के चिकित्सकों पर ही है। लेकिन 8 सितम्बर से पशुपालन विभाग के चिकित्सकों ने अपनी मांगों को लेकर गौपालन विभाग के कार्यों का बहिष्कार कर दिया है। ऐसे में गौशालाओं के अनुदान हेतु सरकार द्वारा किए जाने वाले भौतिक सत्यापन, निरीक्षण कार्य बाधित है एवं इसके अभाव में गौशालाओं को अनुदान मिलने में देरी हो जाएगी एवं गौवंश के चिकित्सा संबधी कार्य नहीं होने से मृत्यु दर भी बढ़ने की संभावना है। ऐसे में गौशाला संचालकों ने ज्ञापन में पशुपालन विभाग के चिकित्सकों की मांगें मानने एवं उन्हें गौपालन विभाग के कार्यों को करने के लिए निर्देशित करने की मांग की है। इस दौरान गौसेवा संघ से जुड़े सत्यनारायण स्वामी, महेन्द्रसिंह लखासर, सीताराम जोशी, नारायणसिंह धीरदेसर, नंदलाल व्यास आडसर, जयसिंह बरजांगसर, शंकरलाल शेरूणा, मालाराम सारस्वा बापेऊ आदि गौशाला संचालक शामिल रहे।