Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
Advertisement
October 16, 2026
010101
AdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisementAdvertisement

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 5 अगस्त 2023। अत्यंत घने जंगल, खतरनाक पशुओं के झूंड, बारिश, पानी के दौरान अपराधियों के बीच फंसा अपह्त युवक, तलाश करती आधुनिक हथियारों से लैस सुरक्षा दस्ते की टुकडियां, चलती हुई गोलियां। ये सब वर्णन किसी फिल्मी दृश्य का नहीं बल्कि अभी अभी श्रीडूंगरगढ़ से करीब 2500 किलोमीटर दूर मेघालय से आ रही खबर का है। जहां श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के दो जवान कांस्टेबल अजीत कुमार ओर कांस्टेबल राजवीर ढाका ने जबरदस्त दिलेरी दिखाते हुए मेघालय के घने जंगलों की खाख छानी और बीकानेर से किडनेप हुए कस्बे के निवासी युवक को दस्तयाब करने में सफलता हासिल की है। पुलिस सुत्रों से मिली जानकारी के अनुसार श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के जवानों ने अपह्रत दीनदयाल शर्मा को ढूंढ़ने के लिए मेघालय पहुंचे एवं इस दौरान फिरौती के लिए रकम मांगने वालों के फोन भी लगातार परिजनों के पास आ रहे थे। तकनीकि सहायता से फोन नम्बर की लोकेशन ली गई जो की घने जंगलों में आई। इस पर वहां तैनात स्पेशल इंडिया रिर्जव बटालियन से मदद ली गई। बटालियन के करीब 20 जवानों के साथ घने जंगलों में 48 घंटों तक लगातार सर्च आपरेशन चलाया गया एवं जंगलों के बीच बने सूनसान ठिकानों पर दबिशें दी गई। लेकिन आरोपियों ने लगातार 10 बार से ज्यादा लोकेशन जंगलों में बदली। आखिर बड़ी मुश्किल से टीम उनके पास पहुंची। टीम के आने का पता चलते ही अपहरणकर्ता पुन: भागने लगे तो टीम के जवानों ने उन्हें चेतावनी देते हुए हवाई फायर एवं जमीन पर फायर किए। इसके बाद आरोपी सरेंडर हुए। मौके से अपह्त युवक एवं तीन वहां के आदिवासी अपहरणकर्ताओं को पकड़ा गया है। अपहरण के मुख्य आरोपी रूपचंद की तलाश जारी है एवं उसे भी आसाम क्षेत्र में डीटेन करने की जानकारी मिली है।
बहाने से ले गया, आदिवासियों के पास छोड़ा, पकड़े गए लोगों में एक पूर्व आंतकवादी, श्रीडूंगरगढ़ से दूसरी टीम भी हुई रवाना।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। मामले में मुख्य आरोपी रूपचंद राजस्थान क्षेत्र का ही निवासी है लेकिन उसने मेघालय में ही विवाह कर रखा है। ऐसे में उसके साले सहित अन्य वहां के लोगों के साथ मिल कर उसने यह काम करना शुरू कर दिया। रूपचंद लोगों को बहला फुसला कर अपहरण कर मेघालय ले जाता था एवं वहां पर इन मूलनिवासियों के पास जंगलों में छोड़ कर वापस नए शिकार की तलाश में लग जाता था। कस्बे के निवासी दीनदयाल के साथ भी ऐसा ही किया गया लेकिन श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के जवानों की तत्परता से इस बार वो धरे गए। पकड़े गए तीन आदिवासियों में से एक तो आतंकवादी रहा हुआ है एवं उसने करीब 2.5 साल पहले ही सरेंडर किया था। इसके खिलाफ हत्या एवं अपहरण के कई मामले चल रहे है। ऐसे में इन अपराधियों को वहां डीटेन करने के बाद उन्हें श्रीडूंगरगढ़ लाने के लिए मामले के जांच अधिकारी एएसआई रविन्द्र सिंह एवं हैडकांस्टेबल आवड़दान सहित टीम मेघालय के लिए रवाना हुई है।
यह था मामला।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। श्रीडूंगरगढ़ निवासी युवक का अपहरण गत 27 जुलाई को बीकानेर की मोहता धर्मशाला से हुआ था एवं 1 अगस्त को परिजनों के पास फिरौती के लिए फोन आया था। यह फोन करने वाला स्वंय को रूपचंद बताते हुए मेघालय से बोलने की बात कह रहा था। इस पर परिजनों ने पुलिस की शरण ली एवं 2 अगस्त को मामला दर्ज करवाया। मामला दर्ज होते ही श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के दो जवान अजीत एवं राजवीर ढ़ाका को मेघालय के लिए रवाना किया गया। वहां पुलिस के पहुंचने एवं अपहृत युवक के हाथ आने तक फिरौती के लिए फोन लगातार जारी रहें। पहले से अधिक फोन आने लगे और फिरौती की रकम 3.5 लाख मांगी गई थी एवं बाद में बढ़ाते बढ़ाते 6 लाख कर दी गई।

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जंगलो में सुरक्षा बलों के साथ श्रीडूंगरगढ़ पुलिस के जवानों ने अपहृत युवा को किया दस्तयाब।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। हवाई व जमीनी फायर किए, एक आतंकवादी शामिल।