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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ टाइम्स 18 नवबंर 2019। आज कस्बे ने एक भयावह दुर्घटना देखी जिसमें 24 घंटो में 16 लोगों की जान चली गयी। कितने घरों में आज अँधेरा छा गया, कितनी मांओं के आँखो का उजाला छिन गया। गल्ती किसी की हो परन्तु मानवीय ह्रदय आज व्यथित हो गया। आम आदमी हर नुक्कड़ हर गली यही कहते सुना गया कि आ आज घणी माड़ी हुई है। घरों में महिलाओं ने भी घटना पर क्षोभ प्रकट किया। नेताओं ने श्रद्धाजंलि दी और सोशल मीडिया पर भी आज दर्दनाक दुर्घटना छाई रही। क्षेत्र में लगातार हो रही मौतों पर आज हर किसी का दिल पिघल सा गया। और इसके साथ विरोध के स्वर भी उठे, ओर क्षेत्र के लिए ट्रोमा सेंटर की मांग भी एक बार फिर जोर खा कर उठी। मुख्यमंत्री तक को सोशल मीडिया पर पत्र लिखें गए , जिला कलेक्टर से मांग की गई। सोशल मीडिया पर पोस्ट लगाने से नहीं काम तो धरातल पर करने से होगा। लोगों ने समाधान के लिए जनांदोलन खड़ा करने की बात भी की। अब सवाल श्रीडूंगरगढ़ की जनता का खुद से है कि ये शमशानी बैराग होगा या ये आक्रोश व्यवस्था बदलाव की क्रांति बन सकेगा। जो गुस्सा आज दिखा नागरिकों में उसमें दर्द झलक रहा था, पीड़ा झलक रही थी, ओर लोगों की चाह जिसमें ट्रोमा सेंटर बनाना ही मुख्य रहा। श्रीडूंगरगढ़ में ट्रोमा सेंटर की मांग लंबे समय से चल रही है। हाइवे पर स्थित होने के कारण यहाँ ट्रोमा सेंटर बनने से श्रीडूंगरगढ़ सहित रतनगढ़, सरदारशहर, चुरू तक के लोगो को लाभ मिल सकेगा। श्रीडूंगरगढ़ में विवादित 7 बीघा भूमि पर ट्रोमा सेंटर बनाने की बात कई बार चल चुकी है, लेकिन कह सकते है कि राजनीतिक या प्रशासनिक शिथिलता के कारण परवान नहीं चढ़ सकी। लेकिन यह स्थायी विवाद समाप्त करने व क्षेत्र में ट्रोमा सेंटर बना कर लोगो की जान बचाने की कवायद अब कौन प्रारम्भ करें। इसके लिए मजबूत इच्छा शक्ति की आवश्यकता तो पड़ेगी।
जिला कलेक्टर ने की मुआवजे की घोषणा- श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। जिला कलेक्टर ने देर शाम मृतकों को एक एक लाख रुपये व घायलों को 20- 20 हजार रुपए की घोषणा की। आज जिला कलेक्टर ने कई मीटिंग ली व विभागों को निर्देश दिए। जनता को राहत मुआवजे से नहीं असली राहत गति नियंत्रण व नियम पालन के निर्देशों के पालन से मिल सकेगा। वाहन चालकों पर प्रशासन को लगाम कसनी पड़ेगी जिससे ये किसी जान माल को संकट में नहीं डाल सकें।