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October 16, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 17 जून 2019। श्रीडूंगरगढ़ तहसील के गांव दुलचासर स्थित श्रीगोपाल गोशाला में सोमवार सांय करीब 6 बजे कोहराम मच गया जब गोशाला में सेवा प्राप्त कर रही गायें एक एक कर मरने लगी। आनन फानन में गांव के पशु चिकित्सक वेदप्रकाश को मौके पर बुलाया गया और गायों को दिखाया गया। इस पर प्रथम द्रष्टया मामला फ़ूड पॉइजनिंग का लगा। इस पर श्रीडूंगरगढ़ मुख्यालय से ब्लाक पशु चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर उत्तम सिंह भाटी पूरे श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के पशु चिकित्सको, कंपाउंडरों ओर दवाइयों का स्टॉक लेकर गोशाला पहुंचे। चिकित्सको ने गोवंश का उपचार शुरू किया लेकिन रात्रि 10 बजे तक करीब 40 गायों की मृत्यु हो चुकी थी। और बड़ी संख्या में तड़फ रहे गोवंश का उपचार जारी था। सूचना मिलने पर पशुपालन विभाग के उप निदेशक मूलसिंह भी बीकानेर से विशेषज्ञ टीम लेकर दुलचासर पहुंचे और गायों के इलाज में जुट गए।

पूर्णिमा का पुण्य बना अकाल मृत्यु का कारण।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। सोमवार को जेठ पूर्णिमा के मौके पर ग्रामीणों ने गोशाला में दान पुण्य किया। इस क्रम में लोगो ने गोवंश को अपने हाथों से गुड़, ग्वार, केले, अन्य फल आदि खिलाये थे और गोशाला में भी सभी गोवंश को ज्वार का हरा चारा डाला गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि ज्वार की घास कच्ची रहने से उसमे पाए जाने वाले कैमिकल शरीर मे मौजूद अन्य रसायनों से क्रिया कर शरीर मे सायनाइड पोइजनिंग की स्थिति बना देते हैं। ओर यही स्थिति दुलचासर की गोशाला में गोवंश के साथ देखी गयी है। हालांकि पूरी जानकारी बीकानेर से आये विशेषज्ञ टीम द्वारा गोवंश में मृत शरीर से विसरा सेम्पल की पूरी जांच से ही मिल पाएगी।

ग्रामीणों में रोष।
श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। दुलचासर गोशाला में हुए गोवंश की अकाल मृत्यु के बाद ग्रामीणों में जबरदस्त रोष व्यापत है। ग्रामीण ओर कांग्रेसी नेता सोहनलाल महिया ने बताया कि गोवंश के शरीर मे फूड पॉइजनिंग होने के बाद भी गोशाला प्रसाशन द्वारा प्रकरण को गम्भीरता से लेने के बजाय लापरवाही बरती गई और सबसे छिपाते हुए जेसीबी के सहारे से मृत गोवंश के पार्थिव देह को दफनाने का प्रयास किया गया। इस कारण ग्रामीणों में जबरदस्त रोष व्याप्त है। महिया ने बताया कि अगर जल्दी सूचना दे दी जाती तो श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर से चिकित्सक टीमें ओर जल्दी पहुंच सकती थी ओर गोवंश की जान ओर ज्यादा बच सकती थी। गोशाला में देर रात तक करीब 250 गायों का उपचार जारी था और मरने वाले गोवंश की संख्या में भी बढ़ोतरी की आशंका है।

 

श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स। गांव दुलचासर की गोशाला में फूड पॉइजनिंग की शिकार गायों के उपचार में जुटा बचाव दल।