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October 17, 2026
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श्रीडूंगरगढ़ टाइम्स 2 अगस्त 2019। गांव की एक बेटी अपने ससुराल वालों के जुल्म सहती रही केवल सामाजिक लाज के कारण। आज समानता व स्वतंत्रता की बात करने वाले समाज को इतना तो सुनिश्चित करना चाहिए कि कोई बेटी समाज के कारण जुल्म, चोटें सहन नही करें। कालू बास निवासी कमला ने आपबीती बताई तो हर आंख नम हो गयी। कमला ने अपनी सास शकुंतला देवी व पति हेमन्त कुमार निवासी हरियाणा के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। पीड़िता ने बताया कि उसका विवाह 31 जनवरी 2008 में हुआ। 2009 में ससुर की मृत्यु के बाद सास व पति ने पिता से 50 लाख व गाड़ी लाने के दबाव में सास ने दो-दो दिन तक खाना नही दिया व पति ने रोज मारपीट की। पिता ने बेटी का घर बसाने का लिये 10 लाख रुपये दिए भी परन्तु दामाद की मांग 50 की थी और जुल्म सहन कर रही थी कमला। आखिर रुपये नही मिलने पर दो मासूम बच्चे गुंजन ओर नमन के साथ पीड़िता को उसके पति ने 2014 में घर से निकाल दिया। वह मदद मांगते हुए अपने पीहर पहुंची व यंही रह रही है। पिता ने समाज की पंचायती से मामला सुलझाने के भरकस प्रयास किये परन्तु रिश्तों की डोर लालच के पेंच में ऐसी फंसी के सुलझी ही नहीं। आखिर गुरुवार शाम स्त्रीधन लौटने, व गुजारा भत्ता देने की अपील के साथ पीड़िता ने न्याय के लिए न्यायालय की शरण लेना उचित जाना। धारा 156, 498, 323, 504 में मामला दर्ज करते हुए पुलिस ने जांच पुलिस निरीक्षक सत्यनारायण गोदारा को सौंपी।